
Indore news: एमपी में इंदौर के खजराना क्षेत्र में बैंककर्मी युवती की हत्या के मामले में पुलिस रिमांड के दौरान लगातार कई सनसनीखेज खुलासे हुए है। आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि हत्या के बाद उसने पूरी वारदात को हादसा साबित करने की कोशिश की। इसके लिए पहले एक दोपहिया वाहन से पेट्रोल निकाला, फिर युवती के शव को आग के हवाले किया और कमरे में रसोई गैस का रेगुलेटर भी खोल दिया, ताकि पहली नजर में मामला गैस रिसाव से लगी आग का लगे। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने सबूत मिटाने और जांच को भटकाने के लिए एक-एक कदम सोच समझकर उठाया था।
पुलिस के मुताबिक, पलक (26) निवासी हरदा, हाल निवासी तपेश्वरी बाग की हत्या के आरोप में गिरफ्तार मयंक शाक्य (33) निवासी डबरा (ग्वालियर) को कोर्ट से रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने वारदात के बाद की पूरी घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस साक्ष्य जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ अभी जारी है। बरामद साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर केस को और मजबूत किया जा रहा है। रिमांड अवधि पूरी होने पर शुक्रवार को आरोपी को दोबारा न्यायालय में पेश किया जाएगा।
जांच के अनुसार, आरोपी और युवती साथ में कमरे पर पहुंचे थे। शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने युवती को धक्का दिया, जिससे वह सिर के बल गिर गई। इसके बाद उसने युवती के सीने पर बैठकर उसका मुंह दबाया और गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके दिमाग में कई दिनों से मेरी नई तो किसी कि नहीं की मानसिकता चल रही थी।
जांच अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में आरोपी और युवती को वारदात वाले दिन साथ में कमरे की ओर जाते देखा गया था। इसके बाद पुलिस का संदेह गहरा गया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचना आसान हो गया।
पुलिस के अनुसार, पेशे से इलेक्ट्रिशियन मयंक शाक्य की बैंककर्मी पलक से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच लगातार संपर्क था और आरोपी अक्सर उससे मिलने इंदौर आता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शादी से इनकार को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपी ने युवती की हत्या कर दी।