Cait के तत्वाधान में दिल्ली के Karol Bagh Market में किया कारोबारियों ने प्रदर्शन कारोबारियों ने कहा रक्षाबंधन के दिन भाई की कलाई पर बंधेगी भारतीय राखी दिपावली पर चीनी नहीं भारतीय सामान से सजेगा घर, चीन का होगा पूरा बहिष्कार
नई दिल्ली। गलवान हिंसा ( Galwan Violence ) के बाद से चीन और भारत ( India China Tension ) के बीच तल्खियां बढ़ती ही जा रही हैं। साथ में बढ़ रहा है देश की आम जनता और कारोबारियों के दिलों में उबाल। जिसकी आंच आज देश की राजधानी दिल्ली के थोक बाजार करोल बाग ( Karol Bagh Market ) में दिखाई दी। जहां पर कारोबारियों ने चीनी सामान के खिलाफ प्रदर्शन ( Protest on Chinese Goods ) किया और चीन के सामान को जलाकर अपना विरोध प्रकट किया। कंफेडेरशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स ( Confederation of All India Traders ) के तत्वाधान में इस प्रदर्शन में सोशल डिस्टेंस और सुरक्षा के सभी उपायों को अपनाया गया। कैट ( CAIT ) ने कहा कि इस बार देश के हर भाई के हाथ में चाइनीज राखी की जगह भारतीय राखी सजेगी। वहीं दीपावली में घर भारतीय सामान से सजेगा ना कि चीनी सामान से।
भारतीय सामान, हमारा अभिमान को पूरे देश से समर्थन
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि पूरे देश के कारोबारी और व्यापारी चीनी सामान का बहिष्कार कर रहे हैं। साथ ही अब आम लोगों के स्वर भी चीनी बहिष्कार के उठने लगे हैं। अब कैट के राष्ट्रीय अभियान भारतीय सामान, हमारा अभिमान को पूरे देश से समर्थन मिल रहा है। इस अभियान से पहला बदलाव अगस्त में रक्षाबंधन के दिन दिखाई देगा, जब देशभर की बहनें चीनी राखी का बहिष्कार कर भारतीय राखी अपने भाइयों को बांधेगी। इसी तरह से जन्माष्टमी और बाकी त्योहारों को भी चीनी सामान से नहीं भ्भारतीय सामान से सुसज्जित किया जाएगा।
दीपावली भारतीय सामानों से सजेंगे घर
प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार इस साल दिवाली को पूरी तरह से भारतीय सेना को समर्पित करते हुए बिना चीन के सामान का इस्तेमाल करते हुए मनाई जाएगी। भारत की मिट्टी के दियों को जलाया जाएगा। भारतीय कारीगरों के हाथों से बने गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति की पूजा की जाएगी। यहां तक घर को सजाने का साजो सामान भी भारतीय ही होगा।
10 जून लगातार चल रहा है अभियान
कैट का चीनी प्रोडक्ट्स का अभियान 10 जून से लगातार चल रहा है। जिसमें देश के 40 हजार व्यापारी संगठनों के 7 करोड़ कारोबारी जुड़े हुए हैं। कैट के अनुसार देश के 130 करोड़ लोगों की किसी भी आवश्यकता के लिए व्यापारी की दूकान ही पहला सोर्स होता है। अब देश के दुकानदारों की जिम्मेदारी होगी कि वो अपने हर ग्राहक को चीनी सामान के बहिष्कार की जानकारी दे।