आम आदमी को लग सकता है बड़ा झटका, Small Saving Scheme की ब्याज दरों में हो सकती है कटौती

  • 7 फीसदी से नीचे पहुंच सकती है Public Provident Fund की ब्‍याज दर
  • अगर ऐसा हुआ तो 46 साल के निचले स्तर पर चली जाएंगी Interest Rate

By: Saurabh Sharma

Updated: 22 Jun 2020, 03:35 PM IST

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) के इस संकट के दौर में आम आदमी को बड़ा झटका लग सकता है। केंद्र सरकार ( Central Govt ) एक बार फिर से छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती ( Interest rates Cut of Small Savings Schemes ) कर सकती हैं। जिसके बाद पब्लिक प्रॉविडेंट फंड ( Public Provident Fund ) पर मिलने वाला ब्याज दरें 46 साल के निचले स्तर पर आ सकती हैं। आपको बता दें कि सरकार ने वित्‍त वर्ष 2019-20 के लिए पीपीएफ में न्‍यूनतम जमा की आखिरी तारीख 30 जून तक बढ़ा दी है. पहले इसकी समयसीमा 31 मार्च 2020 थी। ऐसा ना करने पर महीने के अंत में आप पर जुर्माना भी लग सकता है।

भारत में Gold Price ने बनाया Record, Silver में भी उछाल, जानिए New York और London का हाल

पहले भी कम हो चुकी हैं ब्याज दरें
- छोटी बचत योजनाओं में भी पहले भी आम लोगों को झटका लग चुका है।
- पीपीएफ की करें तो अप्रैल में 7.9 फीसदी से कम कर 7.1 फीसदी की गई थी।
- सीनियर सिटीजंस सेविंग्‍स स्‍कीम की दर 8.6 फीसदी से घटकर 7.4 फीसदी रह गई थी।
- नेशनल सेविंग्‍स सर्टिफिकेट की दरें 7.9 फीसदी से कम होकर 6.8 फीसदी कर दी गई थी।
- सुकन्‍या समृद्धि अकाउंट स्‍कीम की 8.4 फीसदी से घटकर 6.9 फीसदी रह गई थीं।

Govt बना रही है ऐसा Plan, चुन चुनकर Ban करेगी Chinese समान

46 साल के निचले स्तर पर जाएंगी दरें?
अंग्रेजी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पब्लिक प्रॉविडेंट फंड की ब्याज दरों में कटौती होती है ब्याज दरें 7 फीसदी से नीचे आकर 46 साल के निचले स्तर पर पहुंच सकती है। जानकारों ने इसका कारण बॉन्‍ड यील्‍ड में लगातार गिरावट को बताया है। मतलब साफ है कि स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दरों में कटौती संभव है। आपको बता दें कि छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें प्रत्येक तिमाही को जारी होती है।

Haryana के बाद Maharashtra Govt ने दिया China को बड़ा झटका, 5 हजार करोड़ के Projects लगाई रोक

1974 के बद पहली बार
अगले सप्ताह में छोटी स्कीमों की ब्याज दरों में बदलाव देखने को मिल सकता है। अगर ब्याज दरों में कटौती देखने को मिली तो साल 1974 के बाद पहली बार ऐसा होगा कि पीपीएफ की दरें 7 फीसदी से नीचे होंगी। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर दर सरकार के बॉन्‍ड यील्‍ड से लिंक होती है। पीपीएफ की दर 10 साल के सरकारी बॉन्‍ड यील्‍ड से लिंक है। अप्रैल-जून तिमाही के लिए पीपीएफ की ब्‍याज दर को 7.1 फीसदी रखा गया था।

अब Business शुरू करने के लिए Loan मिलना होगा आसान, Govt लेकर आ रही है नया Portal

तो कम होगी ब्याज दरें?
अप्रैल 2020 में ब्याज दरों में बड़ी गिरावट की गई थी। एक अप्रैल से 10 साल के बॉन्‍ड यील्‍ड औसतन 6.07 फीसदी से मौजूदा समय में 5.85 फीसदी पर आ गई है। संकेत साफ है कि छोटी बचत योजनाओं में ब्‍याज दर को कम किया जा सकता है। इससे एनएससी और केवीपी पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन पीपीएफ और सुकन्‍या स्‍कीम के निवेश पर असर दिखाई देगा।

Show More
Saurabh Sharma Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned