उद्योग जगत

Telecom Sector Crisis बढ़ाएगा जनता की जेब पर बोझ, एक दिसंबर से टैरिफ बढ़ोतरी का ऐलान

Bharti Airtel, Vodafone Idea 1 दिसंबर से टैरिफ में करेंगी बढ़ोतरी AGR के लंबित बकाए के बाद कंपनियों ने लिया है यह बड़ा फैसला

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Airtel Vodafone Idea Will Increase Tariff Rates

नई दिल्ली।टेलीकॉम सेक्टर संकट ( Telecom Sector Crisis ) का असर अब आम उपभोक्ताओं पर पडऩे वाला है। देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल ( Bharti airtel ) व वोडाफोन आईडिया ( vodafone idea ) ने एक दिसंबर से अपने टैरिफ में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। कंपनियों के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू ( Agr ) के लंबित बेहद भारी भरकम बकाए के बाद यह फैसला सामने आया है। हालांकि, दोनों कंपनियों ने अभी यह नहीं बताया है कि आम लोगों की जेब पर उनके फैसले का कितना असर पडऩे जा रहा है।

टैरिफ में होगा इजाफा
भारती एयरटेल ने एक बयान में कहा, "दूरसंचार क्षेत्र में तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी के साथ अत्यधिक पूंजी के निवेश की लगातार जरूरत है। इसलिए, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि उद्योग डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए हमेशा व्यावहारिक रहे।" इसमें कहा गया, "तदनुसार, एयरटेल दिसंबर से कीमतों में उचित वृद्धि करेगी।" वोडाफोन ने दूरसंचार क्षेत्र में वित्तीय संकट का उल्लेख किया और कहा कि इसे सभी हितधारकों ने स्वीकार किया है और कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सचिवों की एक उच्चस्तरीय कमेटी उचित राहत पहुंचाने पर विचार कर रही है। वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने कहा है कि वह 'उपयुक्त रूप से' टैरिफ में बढ़ोतरी करेगी जो एक दिसंबर से प्रभावी होगा।

दोनों कंपनियों पर है भारी भरकम खर्च
अगर बात एजीआर की ही करें तो दोनों कंपनियों पर भारी भरकम बकाया है। आंकड़ों की मानें तो भारती एयरटेल 21,682.13 करोड़ रुपए का बकाया है। वहीं वोडाफोन को 19,823.71 करोड़ रुपए चुकाने होंगे। वहीं बंद हो चुकी रिलायंस कम्युनिकेशंस पर 16,456.47 करोड़ रुपए बकाया है। वहीं सरकारी कंपनी बीएसएनएल को 2,098.72 करोड़ रुपए बकाया के तौर पर चुकाने हैं। दूसरी सरकारी कंपनी एमटीएनएल को 2,537.48 करोड़ रुपए चुकाने होंगे।

वोडाफोन हो सकता है बंद
वहीं वोडाफोन तो इंडिया से अपना बोरिया बिस्तर समेटने की तैयारी कर रही है। कई बार कंपनी की ओर से इस बात के संकेत मिल चुके हैं। इस बात तिमाही नतीजों के बाद कंपनी का नुकसान 54000 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। जो कि टेलीकॉम सेक्टर में अभी तक एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। कई लोग तो इस बात की ओर भी इशारा कर रहे हैं कि कहीं वोडाफोन का हश्र रिलायंस कंयूनिकेशन की तरह ना हो जाए। वहीं निवेशकों की ओर से भी और रुपया लगाने से मना कर दिया गया है।

Updated on:
19 Nov 2019 09:32 am
Published on:
19 Nov 2019 09:31 am
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