
Registrar Transfer: शहीद महेंद्र कर्मा बस्तर विश्वविद्यालय के मौजूदा रजिस्ट्रार राजेश कुमार लालवानी की बस्तर से विदाई तय हो गई है। वे यहां से सीधे टेक्निकल यूनिवर्सिटी भिलाई भेजे जा रहे हैं। लालवानी राज्य विश्वविद्यालय सेवा के अधिकारी हैं। बस्तर विश्वविद्यालय में उनकी पहली पोस्टिंग है। अभी उनका प्राबेशन भी पूरा नहीं हुआ था और उन्हें यहां से हटाया जा रहा है।
लालवानी को ऐसे वक्त में विश्वविद्यालय से हटाया जा रहा है जब विवि में बंपर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। सूत्र बताते हैं कि लालवानी की कार्यप्रणाली को लेकर राजभवन और उच्च शिक्षा विभाग तक शिकायत हुई थी। वे यहां नवंबर 2024 से पदस्थ थे। विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज कुमार श्रीवास्तव के साथ उनके संबंध लगातार बिगड़ते जा रहे थे।
यहां यह भी गौर करने लायक तथ्य है कि रजिस्ट्रार लालवानी के खिलाफ शिकायत हुई फिर भी उन्हें प्रदेश की इकलौती टेक्निकल यूनिवर्सिटी भेजा जा रहा है। लालवानी को बस्तर विश्वविद्यालय से बड़े संस्थान में भेजा जा रहा है। यहां उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और वहीं दूसरी ओर उच्च शिक्षा विभाग उन्हें बड़ी जगह की जिम्मेदारी दे रहा है।
हालांकि, तबादले के कारणों को लेकर सरकार या उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में शिकायतों, प्रशासनिक जरूरतों और स्थानांतरण के फैसले के बीच संबंध को लेकर अभी केवल अटकलें ही लगाई जा रही हैं। इसलिए इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक पक्ष का इंतजार किया जाना चाहिए।
बता दें कि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU), भिलाई राज्य का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना वर्ष 2005 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के इंजीनियरिंग, फार्मेसी, पॉलिटेक्निक, आर्किटेक्चर, मैनेजमेंट और अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों को एकीकृत शैक्षणिक ढांचे से जोड़ने के उद्देश्य से की गई थी। विश्वविद्यालय का मुख्यालय दुर्ग जिले के भिलाई में स्थित है।
CSVTU से प्रदेश के सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित सैकड़ों तकनीकी संस्थान संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम निर्धारण, परीक्षाओं का संचालन, परिणाम जारी करने, डिग्री प्रदान करने, शोध गतिविधियों और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाता है। हजारों विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य और तकनीकी शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय इसी विश्वविद्यालय के माध्यम से लिए जाते हैं।