
जगदलपुर में पहली बार जुटेंगे प्रदेशभर के अधिवक्ता (Photo Source- AI Generate)
Jagdalpur Bar Council: मां दंतेश्वरी की पावन धरा जगदलपुर में पहली बार अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की प्रांतीय इकाई अधिवक्ता परिषद छत्तीसगढ़ प्रांत का दो दिवसीय प्रांतीय अभ्यास वर्ग आयोजित होने जा रहा है। 19 और 20 सितंबर को होने वाले इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से अधिवक्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान विधिक भूमिका, सामाजिक दायित्व, न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं की भूमिका और संगठन को मजबूत करने जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा।
संगठन विस्तार पर भी होगा मंथन: अभ्यास वर्ग में अधिवक्ता परिषद की जिला, तहसील और अनुविभागीय इकाइयों की सक्रियता तथा कार्यपद्धति को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा होगी। संगठन को ग्राम, तहसील, जिला और प्रांतीय स्तर तक और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
अभ्यास वर्ग का शुभारंभ 19 सितंबर, शनिवार को शाम 5 बजे होगा। इसके बाद विभिन्न मार्गदर्शक एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। आयोजन 20 सितंबर को दोपहर बाद संपन्न होगा। अधिवक्ता परिषद का ध्येय वाक्य न्याय: मम धर्म: है और इसी भावना को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है।
आयोजन में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री, राष्ट्रीय मंत्री सहित राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं दायित्ववान कार्यकर्ता शामिल होंगे। वे छत्तीसगढ़ के अधिवक्ताओं को विधिक एवं संगठनात्मक विषयों पर मार्गदर्शन देंगे।
जगदलपुर में पहली बार आयोजित हो रहे इस प्रांतीय अभ्यास वर्ग को लेकर अधिवक्ता परिषद की स्थानीय इकाई में उत्साह है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले अधिवक्ताओं के स्वागत, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।परिषद के अनुसार यह आयोजन केवल प्रशिक्षण और संगठनात्मक गतिविधि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अधिवक्ताओं के न्याय के प्रति दायित्व, समाज के प्रति संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को मजबूत करने का अवसर भी बनेगा। बस्तर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरती से ’’न्याय: मम धर्म:’’ के संकल्प के साथ अधिवक्ता परिषद अपनी आगामी कार्ययात्रा को नई दिशा देने का प्रयास करेगी।
अभ्यास वर्ग में न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं की भूमिका, बार और बेंच के बीच स्वस्थ एवं गरिमापूर्ण सामंजस्य तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और जनोन्मुख बनाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। अधिवक्ताओं के सामाजिक दायित्व और राष्ट्रहित में विधि के माध्यम से योगदान को लेकर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। परिषद का उद्देश्य विधिक सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक सस्ता, सुलभ और त्वरित रूप से पहुंचाने की दिशा में अधिवक्ताओं की भूमिका को और प्रभावी बनाना है।
Updated on:
19 Sept 2026 12:00 pm
Published on:
19 Sept 2026 12:00 pm
