
CG Naxal:नक्सलियों को अबूझमाड़ के रेकावाया में गुरुवार को हुई मुठभेड़ से बड़ा नुकसान हुआ है। यहां मुठभेड़ के दौरान 7 नक्सली मारे गए। इसके अलावा नक्सलियों को अपने सबसे सेफ इलाके में स्थापित गुरिल्ला वार ट्रेनिंग बेस से भी हाथ धोना पड़ा है। नक्सली यहां लंबे वक्त से अपने लड़ाकों को तैयार कर रहे थे, लेकिन इस बार फोर्स ने सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन लांच किया।
फोर्स के सैकड़ों जवान इंद्रावती की बहती धारा को पार कर अबूझमाड़ में दाखिल हुए। सभी जवान एक साथ अबूझमाड़ पहुंचे और नक्सलियों के ट्रेनिंग कैंप को घेर लिया। इंद्रावती को पार कर जवान मौके तक पहुंचे और सफलता पाई इसलिए ऑपरेशन को जल शक्ति नाम दिया है। इससे पहले (Naxal News) फोर्स ने सूरज की पहली किरण के साथ मुठभेड़ करते हुए सफलता पाई थी तब ऑपरेशन को सूर्य शक्ति नाम दिया गया था।
नक्सलियों ने रेकावाया में सारी व्यवस्थाओं के साथ ट्रेनिंग कैंप स्थापित कर रखा था। वहां पर वे अपने नए लड़ाकों को गुरिल्ला वार की जरूरी जानकारी दिया करते थे। यह बेस कैंप इतना सेफ था कि यहां पहुंचने से पहले फोर्स को एक बोर्ड का सामना करना पड़ा जिसमें हिंदी और गोंडी में लिखा था कि बिना अनुमति के कोई भी व्यक्ति या वाहन गांव में प्रवेश नहीं कर सकता है। इससे स्पष्ट है कि यह इलाका नक्सलियों के कितने प्रभाव में था। फोर्स पहली बार नक्सलियों को उनके इतने सेफ इलाके से खदेड़ने में कामयाब हुई है। फोर्स अब योजनाबद्ध तरीके से अबूझमाड़ से नक्सलियों को धकेल रही है।
मौके पर फोर्स को 400 प्लास्टिक के चप्पल मिले हैं। इससे स्पष्ट हो रहा है कि इस जगह पर बड़ी संख्या में इनका जमावड़ा होता था। इसके अलावा एक जानकारी यह भी आ रही है कि नक्सली गांव के लोगों को बांटने के लिए चप्पल लाए हों। नक्सली इस सीजन में ग्रामीणों को साधने कई तरह के कार्यक्रम करते हैं। इसमें कई तरह की स्पर्धाएं होती हैं।
Chhattisgarh Naxal News: फोर्स को ऑपरेशन लॉच करने से पहले सूचना मिली थी कि रेकावाया के जंगल में माड डिवीजन और पूर्वी बस्तर डिवीजन के अंतर्गत इंद्रावती एरिया कमेटी के डीवीसी दीपक, कमलाकर, सपना, प्लाटून नंबर 16 का कमांडर मल्लेश के अलावा 50-60 सशस्त्र नक्सली मौजूद हैं। इसी सूचना के बाद तीन जिलों के 1000 जवानों के साथ ऑपरेशन लॉच किया गया।
Naxal Attack: फोर्स ने ट्रेनिंग कैंप की जो तस्वीरें जारी की हैं उसमें साफ दिख रहा है कि वहां नक्सलियों के ठहरने के भी इंतजाम थे। बांस-बल्ली से कुटिया बनाई गई थी। इसके साथ ही ट्रेनिंग मॉडल भी तैयार किया गया था, जिसके माध्यम से नक्सलियों को ट्रेंड किया जाता था। मौके पर फोर्स को वह सभी जरूरी सामान मिले हैं जो नक्सली अपने दैनिक उपयोग में लाते हैं। फोर्स ने ऐसे सभी सामान को मौके पर ही नष्ट कर दिया है।