Weather Update: बस्तर में इन दिनों शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं। सुबह देर तक घना कोहरा छाया रहता है, वहीं रात में ठंडी हवाओं के चलते ठंड और अधिक बढ़ जाती है।
CG Weather Update: बस्तर अंचल में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बीते सप्ताह बदली के बाद जैसे ही आसमान साफ हुआ, तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई, जो लगातार बनी हुई है। ठंड का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जिनके पास सिर छुपाने तक की जगह नहीं है।
फुटपाथ और खुले स्थानों पर जीवन यापन करने वाले बेघर लोग ठिठुरती रातें काटने को मजबूर हैं। इलाके में पिछले दो दिनों से न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और गिर सकता है, जिससे ठंड और अधिक बढऩे की संभावना है।
शहर में कड़ाके की ठंड का सबसे बुरा असर फुटपाथ पर गुजर-बसर करने वाले गरीब और असहाय लोगों पर दिखाई दे रहा है। खुले आसमान के नीचे ठंडी जमीन पर रात गुजारना इनकी मजबूरी बन गई है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम व प्रशासन की ओर से अब तक शहर के प्रमुख इलाकों में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। अलाव के अभाव में कई बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे ठंड से कांपते हुए रात काटने को विवश हैं।
बस्तर में इन दिनों शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं। सुबह देर तक घना कोहरा छाया रहता है, वहीं रात में ठंडी हवाओं के चलते ठंड और अधिक बढ़ जाती है। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष बस्तर में हुई अच्छी बारिश और जल स्रोतों में भरपूर पानी के कारण ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में ठंड और बढऩे की आशंका जताई जा रही है।
कड़ाके की ठंड के बावजूद अलाव और अन्य राहत इंतजाम न होने से प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए जल्द ही अलाव की व्यवस्था नहीं की गई तो ठंड से जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।