
Mahtari Vandan Yojana: महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी ने हितग्राहियों की संख्या की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी है। बस्तर जिले में ई-केवाईसी और सत्यापन की प्रक्रिया के बाद योजना के हितग्राहियों की संख्या 1,94,510 से घटकर 1,78,964 रह गई है। यानी अब तक 15,546 नाम योजना के आंकड़े से बाहर हो चुके हैं। यह कुल हितग्राहियों का करीब 8 फीसदी है। हटाए गए नामों में मृत महिलाओं के अलावा पलायन कर चुकीं, अपात्र और ऐसे हितग्राही शामिल हैं, जिनके खाते होल्ड की स्थिति में हैं। हालांकि, 31 अगस्त तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया जारी रहने के कारण अंतिम आंकड़ा अभी बदल सकता है।
ई-केवाईसी के दौरान सामने आए आंकड़ों के अनुसार जिले में 5,731 मृत महिलाओं, 4,252 पलायन कर चुकी महिलाओं और 1,499 अपात्र महिलाओं के नाम हटाए गए हैं। वहीं 4,064 खाते होल्ड पाए गए हैं। इन सभी को मिलाकर 15,546 हितग्राहियों की संख्या कम हुई है। इससे साफ है कि योजना के पुराने आंकड़ों में बड़ी संख्या में ऐसे नाम शामिल थे, जो वर्तमान में योजना का लाभ लेने की स्थिति में नहीं हैं।
योजना के आंकड़े में कमी का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि फिलहाल नई पात्र महिलाओं से आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। ऐसे में ई-केवाईसी के दौरान अपात्र और निष्क्रिय नाम हटने के बाद उनकी जगह नए पात्र हितग्राहियों की संख्या नहीं जुड़ रही है। यदि नई महिलाओं को जोडऩे की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है तो आने वाले समय में योजना के कुल हितग्राहियों का आंकड़ा और नीचे जा सकता है।
महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है। योजना में लगातार मिल रही शिकायतों और हितग्राहियों के सत्यापन के उद्देश्य से यह प्रक्रिया शुरू की गई है। इसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित है। इसके बाद सत्यापन पूरा होने पर जिले में योजना से जुड़े हितग्राहियों की वास्तविक संख्या और स्पष्ट होने की उम्मीद है।