
Weather Update: तेज गर्मी से बेहाल बस्तर में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली और जगदलपुर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में करीब दो घंटे तक जोरदार बारिश हुई। दोपहर तक 34 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा तापमान बारिश के बाद तेजी से गिरकर 21 डिग्री तक आ गया। ठंडी हवाओं और रिमझिम फुहारों ने न केवल मौसम को खुशनुमा बना दिया, बल्कि लोगों को उमस और गर्मी से भी बड़ी राहत मिली।
इस बीच कई जगहों पर तेज हवा के साथ हल्की गरज-चमक भी देखने को मिली, जिससे कुछ इलाकों में पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। अचानक बदले मौसम के कारण बाजारों में भी हलचल कम हो गई और लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेते नजर आए। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से खेतों को नमी मिली, जिससे किसानों के चेहरे भी खिल उठे। हालांकि, तेज बारिश और हवा का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। 11 केवी लाइनों में फॉल्ट, जम्पर टूटने और शॉर्ट सर्किट की घटनाओं के चलते शहर के कई हिस्सों में 3 से 4 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
खपराभट्टी, पथरागुड़ा, वीर सावरकर वार्ड, आमागुड़ा से एनएमडीसी चौक, गणपति रिसॉर्ट रोड, गूरिया बहार और वृंदावन कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में अंधेरा छाया रहा। बिजली विभाग की टीमों ने खराबी को दूर करने के लिए देर शाम तक लगातार काम किया, जिसके बाद धीरे-धीरे सप्लाई बहाल की गई। बारिश के बाद शहर में जगह-जगह पानी भरने की स्थिति भी बनी, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। वहीं, बच्चों और युवाओं ने इस मौसम का भरपूर आनंद लिया और सड़कों पर निकलकर बारिश का लुत्फ उठाया।
मार्च-अप्रैल के दौरान बस्तर क्षेत्र में अक्सर तेज गर्मी के बीच अचानक प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिलती हैं। गरज-चमक के साथ होने वाली ऐसी बारिश तापमान में तेजी से गिरावट लाती है और अस्थायी राहत देती है। हालांकि, तेज हवाओं और बिजली गिरने जैसी घटनाओं के कारण विद्युत ढांचे पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे फॉल्ट और आपूर्ति बाधित होने की स्थिति बन जाती है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में इसी तरह हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे गर्मी का असर धीरे-धीरे कम हो सकता है।