
Illegal Foreign Women Living in Jaipur: वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद जयपुर में अवैध रूप से रह रही 10 और विदेशी युवतियों को विदेशी क्षेत्रीय पंजीयन कार्यालय (FRRO) और स्थानीय विदेशी पंजीकरण अधिकारी (FRO) की संयुक्त टीम ने उनके मूल देशों के लिए निर्वासित (डिपोर्ट) कर दिया है। इनमें थाईलैंड की 5, युगांडा की 4 और केन्या की 1 युवती शामिल हैं। जांच में सामने आया कि ये युवतियां किराए के मकानों में रह रही थीं। पिछले 11 दिनों में जयपुर से अब तक 19 विदेशी युवतियों को उनके देश भेजा जा चुका है, जबकि साल 2026 में अब तक जयपुर शहर से कुल 36 अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया जा चुका है।
अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अब उन स्थानों और लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है, जहां इन विदेशी नागरिकों को ठहराया गया था। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी इन युवतियों को जयपुर में रहने और काम करने की सुविधा किसने उपलब्ध कराई। इसके साथ ही किराए के मकान, स्पा सेंटर और होटल संचालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पूछताछ में एक थाई महिला ने खुलासा किया कि उस जैसी और भी युवतियां जयपुर में है और स्पा सेंटर और होटलों में अनैतिक काम करती है। वह पर्यटक (टूरिस्ट) वीजा पर भारत आई थी और स्थानीय लोगों की मदद से एक स्पा सेंटर में काम कर रही थी। उसने बताया कि पहचान और पुलिस निगरानी से बचने के लिए स्थानीय लोग उनके निजी आवासों और फ्लैटों में ठहरने की व्यवस्था करवाते थे। महिला के इस बयान के बाद पुलिस और एफआरओ की टीम अन्य विदेशी युवतियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही है। जांच एजेंसियां अब यह भी पता कर रही हैं कि इन युवतियों को जयपुर में रोजगार दिलाने और उनके रहने की व्यवस्था कराने में कौन-कौन लोग सक्रिय थे।
विदेशी नागरिकों से पूछताछ में कुछ स्थानीय लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। अन्य अवैध विदेशी नागरिकों की तलाश जारी है। पुलिस की मदद से इन युवतियों को यहां लाने और ठहराने वालों का पता लगाया जा रहा है। किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
धर्मेन्द्र सागर, विदेशी पंजीकरण अधिकारी, जयपुर