जयपुर

Rajasthan Flyover: जयपुर-सीकर नेशनल हाईवे पर बना 23 करोड़ से फ्लाईओवर, 25 गांवों को मिला बड़ा तोहफा

Rajasthan Flyover Project: जयपुर-सीकर नेशनल हाईवे 52 पर उदयपुरिया तिराहे का फ्लाईओवर वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इससे लंबे समय से जाम और हादसों से परेशान लोगों को राहत मिली है और 25 गांवों का सफर अब अधिक सुरक्षित हो गया है।

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May 25, 2026
उदयपुरिया मोड़ फ्लाईओवर से गुजरते हुए वाहन। फोटो- पत्रिका

उदयपुरिया। जयपुर-सीकर नेशनल हाईवे 52 पर उदयपुरिया तिराहे पर बना फ्लाईओवर अब वाहनों के लिए खोल दिया गया है। लंबे समय से जाम और दुर्घटनाओं के कारण खतरनाक साबित हो रहे इस तिराहे पर अब लोगों को राहत मिलने लगी है। फ्लाईओवर शुरू होने से हाईवे पर यातायात सुगम हुआ है और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को सुरक्षित आवागमन का रास्ता मिल गया है। उल्लेखनीय है कि धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य को लेकर राजस्थान पत्रिका में लगातार खबरें प्रकाशित की गई थीं।

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इसके बाद निर्माण कंपनी ने कार्य में तेजी लाते हुए काम पूरा कर वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी। जानकारी के अनुसार एनएचएआइ की ओर से करीब सात फ्लाईओवर निर्माण के लिए 192 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें चौमूं क्षेत्र में जैतपुरा, भोजलावा और हाड़ौता पुलिया का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। अब उदयपुरिया तिराहे पर भी फ्लाईओवर बनकर तैयार हो गया है। करीब 23 करोड़ रुपए की लागत से बने इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य सितंबर 2025 में शुरू हुआ था और अप्रेल 2026 में पूरा कर लिया गया।

जाम से मिली राहत

मई माह की शुरुआत में पुलिया के दोनों ओर से यातायात शुरू कर दिया गया। पहले यहां खुले कट से गुजरने वाले वाहनों को तेज रफ्तार ट्रैफिक के बीच से निकलना पड़ता था। अचानक मुड़ने वाले वाहनों के कारण आए दिन जाम और हादसे होते थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली, स्कूल बसों और बड़े वाहनों को मोड़ लेने में लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं दुपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए यह कट बेहद खतरनाक साबित हो रहा था।

ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित था तिराहा

उदयपुरिया तिराहा ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित रहा है। यहां कई लोगों की जान जा चुकी है। अब फ्लाईओवर बनने से मुख्य ट्रैफिक ऊपर से बिना रुके गुजर रहा है, जबकि स्थानीय यातायात नीचे से सुरक्षित रूप से निकल रहा है। इससे उदयपुरिया, इटावा भोपजी, निवाणा, खेजरोली, मूंडरू, तिगरिया, धानोता, करीरी और बिलंदपुर सहित 25 गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।

अनेक स्कूल व कॉलेज जुड़े हुए

फ्लाईओवर बनने से एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को भी राहत मिलेगी। इस मार्ग से कई स्कूल और कॉलेज सीधे जुड़े हुए हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज, स्कूलों और कोचिंग सेंटरों के विद्यार्थियों को भी अब जाम से राहत मिलेगी। इससे सफर पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो गया है।

फैक्ट फाइल

  • नेशनल हाईवे 52 और स्टेट हाईवे 37सी का प्रमुख जंक्शन
  • सितंबर 2025 में शुरू हुआ निर्माण कार्य
  • अप्रेल 2026 में निर्माण पूरा
  • करीब 23 करोड़ रुपए की लागत
  • मई 2026 में यातायात शुरू
  • 20 से 25 गांवों के हजारों लोगों को फायदा

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