
Ramgarh Dam Catchment Encroachment: रामगढ़ बांध की जिंदगी उसके कैचमेंट से जुड़ी है और इसी कैचमेंट में बढ़ते अतिक्रमण अब हटाने की बारी आ गई है। रामगढ़ बांध के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सोमवार से शुरू होगी। कार्रवाई तीन दिन तक चलेगी। इसके लिए जमवारामगढ़ तहसील प्रशासन, जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और जल संसाधन विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर रहेंगी। जेडीए और जमवारामगढ़ तहसील प्रशासन ने बहाव क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए टीमें गठित की हैं और बड़ी संख्या में संसाधन तैयार किए हैं। कार्रवाई के लिए 12 ट्रैक्टर और 6 जेसीबी तैयार की गई हैं, जो खेतों से अतिक्रमण हटाएंगी।
रामगढ़ बांध कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण चिन्हित करने के बाद जिला प्रशासन ने 100 से अधिक अतिक्रमणों की सूची तैयार कर जेडीए को सौंपी है। जेडीए जोन-13 उपायुक्त खेमराज यादव ने बताया कि कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के लिए चार टीमें गठित की गई हैं।
रामगढ़ बांध को पुनर्जीवित करने और उसके कैचमेंट क्षेत्र को बचाने के लिए राजस्थान पत्रिका लगातार व्यापक अभियान चला रहा है। अभियान के तहत बांध में पानी की राह रोक रहे अतिक्रमण, बहाव क्षेत्र में अवैध कब्जे, जलग्रहण क्षेत्र की अनदेखी और प्रशासनिक उदासीनता को प्रमुखता से उठाया गया। जिसके बाद हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई और अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो रही है। रामगढ़ के पुनर्जीवन की उम्मीद और मजबूत हुई है।
पहली टीम: टोडामीणा, काली पहाड़ी, चारणवास, जयचंदपुरा, भोजपुरा, नेकावाला और तिलकनगर।
दूसरी टीम: बगवाड़ा, भिवपुरा, सुंदरपुरा, बिलपुर, सुंदर का बास, जयसिंह नगर, लाम्या मेवाल, देव का हरवाड़ा, मानपुरा माचेड़ी और पूठ का बास।
तीसरी टीम: श्यामपुरा, चांदावास, राजपुरवास, सिरोही, कंवरपुरा, अरनिया, हरचंदपुरा, लखेर और चक मनोहरपुर।
चौथी टीम: छापराड़ी, सिंगवाना, जैतपुर खींची, अचरोल, जुगलपुरा, चिताणु कलां, रामपुरा उर्फ बान्यावाला, कुशलपुरा, कीरतपुरा, कांट और कालवाड़।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार रामगढ़ बांध कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी, जो तीन दिन तक जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान जेडीए, जल संसाधन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें मौजूद रहेंगी।
ललित मीणा, नोडल अधिकारी व एसडीएम, जमवारामगढ़
जिला प्रशासन से अतिक्रमण की सूची मिली है। उसके आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। जितने भी अतिक्रमण हैं, उन सभी को हटाया जाएगा। इसके लिए चार टीमों का गठन किया गया है। टीमों में जेडीए के अलावा अन्य विभागों के सदस्य भी हैं।
आनंद शर्मा, डीआइजी, जेडीए