
जयपुर: हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन ने जो सूची पेश की, उसके अनुसार बांध के कैचमेंट एरिया में 386 अतिक्रमण हैं। कोर्ट में जो सूची पेश की गई, इसमें पहली बार रामगढ़ बांध के भराव क्षेत्र में पानी रोकने वाले गुनहगार सामने हैं। इस सूची में स्थानीय काश्तकारों से लेकर बिजनेसमैन और सरकारी महकमे तक शामिल हैं। इन सभी ने मिलकर पानी रोकने का काम किया है। कहीं, तलाई की जमीन पर हाईवे बन गया तो कहीं पीडब्ल्यूडी ने सड़कें बना दीं।
सूची में नाले और चारागाह की जमीन पर सडकें बना दी गईं। आमेर तहसील में तो तलाई के खसरों पर एनएचएआई ने हाईवे तक निकाल दिया। इसे रिपोर्ट में अतिक्रमण माना गया है। मानपुरा माचेड़ी में रीको ने बहाव क्षेत्र पर कब्जा जमा लिया। चारागाह की जमीन पर कब्जा कर बाउंड्रीवाल कर ली। श्यामपुरा, हरचंदपुरा और लखेर में सरकारी स्कूलों के निर्माण तक हो गए। ये निर्माण गैर मुमकिन तालाब की जमीन पर किए गए। इनको 25 से 30 वर्ष पुराना बताया गया है।
जिला प्रशासन ने सूची बनाई है, उसमें जेडीए का नाम भी अतिक्रमियों में है। जेडीए ने देव का हरमाड़ा में नदी क्षेत्र में सडक बना दी। जयसिंह नगर में भी गैर मुमकिन नाले की जमीन, कुशलपुरा, कांट में भी यही किया है।
तलाई की जमीन पर सड़क बन गई।
बहाव क्षेत्र में खेती की जा रही है।
40 से 100 वर्ष पुराने धार्मिक स्थल बन गए।
निजी आवास तक बन गए।
नालों की जमीन पर अतिक्रमण हो गए।
रीको ने बाउंड्रीवाल का निर्माण कर लिया।
जुगलपुरा में निजी कॉलोनाइजर ने दीवार बना ली।
जिला प्रशासन के अलावा जल एवं संसाधन विभाग, राजस्व विभाग, जमवारामगढ़, विराटनगर, आमेर उपखंड कार्यालय और तहसील कार्यालय की ओर से रिपोर्ट तैयार की गई। पांच दिन में रिपोर्ट तैयार की और इसके बाद जेडीए ने अन्य विभागों की निशानदेही के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन दिन तक 18 से 20 घंटे तक अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया। चार टीमें बनाई गईं। इसके लिए छह जेसीबी भी लगाई गई। हालांकि, इस कार्रवाई पर सवाल उठे।
सूची में विवि के अवैध निर्माण खूबः रिपोर्ट में सर्वाधिक अतिक्रमण निम्स विश्वविद्यालय के सामने आए हैं। निम्स विवि प्रशासन ने खेल मैदान से लेकर कैंटीन तक विकसित कर ली गई हैं। वहीं, हॉस्टल से हॉस्पिटल, पार्किंग तक का निर्माण कर लिया गया है।
ग्राम जुगलपुरा जेडीए ने नाम दर्ज जमीन प्ला विजीबल प्रोप बिल्ड एलएलपी, दिल्ली ने सड़क का निर्माण कर लिया। ग्राम कुशलपुरा में सिक्स स्टार लैंड स्केप प्राइवेट लिमिटेड ने कुशलपुरा में नदी में तार फेसिंग कर ली। इस फर्म के निदेशक निवासी रामबाबू अग्रवाल हैं। कीरतपुरा में किमाया रिसोर्ट ने सड़क बनाकर अतिक्रमण किया हुआ है।
न्यायमित्र अभिनव शर्मा ने कोर्ट से कहा कि रामगढ़ बांध मुख्य रूप से बाणगंगा नदी और उसकी अन्य सहायक नदियों से भरा जाता था। इस क्षेत्र को पूरी तरह से निर्माण प्रतिबंधित क्षेत्र बनाया जाना चाहिए। इस दौरान पक्की सड़के व अन्य निर्माण की जानकारी भी कोर्ट के सामने रखी।