जयपुर

‘हर महीने मिलती थी 800 डॉलर सैलरी’, कंबोडिया साइबर स्लेवरी गिरोह के सदस्य ने खोले राज-वहां ब्यावर के लोग थे सबसे ज्यादा

Rajasthan News: कंबोडिया साइबर स्लेवरी नेटवर्क के मामले में सीकर से गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद सद्दाम अंसारी उर्फ जेरी ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि उसे कंबोडिया में 800 डॉलर सैलरी मिलती थी और वह युवाओं को नौकरी का झांसा देकर भेजने पर 300 डॉलर कमीशन लेता था।
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Aug 07, 2026
Cambodia Cyber Slavery
आरोपी मोहम्मद सद्धाम का फोटो: पत्रिका

Cambodia Cyber Slavery 9th Gang Member Arrested: अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी, मानव तस्करी और साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क के खिलाफ राज्य साइबर थाना पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। इस नेटवर्क से जुड़े एक और आरोपी को सीकर से गिरफ्तार किया है। मामले में गिरोह के गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद सद्दाम अंसारी उर्फ जेरी ने पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि उसे कंबोडिया में हर महीने करीब 800 डॉलर सैलरी मिलती थी और वहां बड़ी संख्या में राजस्थान के लोग काम कर रहे थे।

मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 9 हो गई है। एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि गिरोह के कुछ सदस्य भारत लौटने के बाद भी कंबोडियाई नंबरों के जरिए व्हाट्सएप पर चाइनीज हैंडलर 'अताई' के संपर्क में थे और नए लोगों को विदेश में आकर्षक नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजने की साजिश रच रहे थे।

थानाधिकारी गजेन्द्र शर्मा ने बताया कि सीकर निवासी मोहम्मद सद्दाम अंसारी उर्फ जेरी को सीकर से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 में सद्दाम का संपर्क रोलसाबसर निवासी एजेंट मुबारिक खान से हुआ जिसने कंबोडिया के एक शॉपिंग मॉल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 40000 रुपए लिए व ई-वीजा और हवाई टिकट की व्यवस्था कराई।

इसके बाद 31 अक्टूबर 2023 को वह अपने 3 साथियों अनिल, पंकज व राशिद के साथ जयपुर से कंबोडिया पहुंचा। वहां पोईपेट स्थित एक कंपनी में काम किया लेकिन आंखों की समस्या के कारण लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम नहीं कर सका। इसके बाद उसे कार्यालय की देखरेख, कर्मचारियों तक भोजन और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने और एचआर से जुड़े कार्य सौंप दिए गए। इसके बदले उसे प्रतिमाह करीब 800 अमरीकी डॉलर वेतन मिलता था।

कंबोडिया बुलाने पर प्रति व्यक्ति 300 डॉलर कमीशन लेता

गजेंद्र शर्मा ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि कंपनी में कर्मचारियों को वास्तविक नामों की बजाय उपनामों से बुलाया जाता था। वहां करीब 200 लोग काम कर रहे थे जिनमें बड़ी संख्या राजस्थान के ब्यावर क्षेत्र के लोगों की थी और कुछ कर्मचारी सीकर और केरल से भी थे।

जांच में यह भी सामने आया कि जनवरी और फरवरी 2024 में सद्दाम ने भी कई लोगों को नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया बुलवाया और कंपनी से प्रति व्यक्ति 300 अमरीकी डॉलर कमीशन लिया। गिरोह ने विदेश भेजने के नाम पर कई व्यक्तियों से 30-30 हजार रुपए भी वसूले। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में धर-पकड़ जारी है।

Updated on:
07 Aug 2026 07:32 am
Published on:
07 Aug 2026 07:32 am