
Rajasthan Crime: पैन कार्ड संबंधी समस्या के समाधान के नाम पर कथित रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। इस खेल में जयपुर में आयकर विभाग के एक कर सहायक (टैक्स असिस्टेंट) और पीड़ित बेकरी संचालक के बीच हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच का सबसे बड़ा और पुख्ता आधार बन गई है। एसीबी ने कर सहायक लाखन सिंह जोगी के खिलाफ कुल 5000 रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी पहले 4400 रुपए ले चुका था और सत्यापन के समय उसने 600 रुपए और प्राप्त किए। हालांकि तब ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
मामले की शुरुआत तब हुई जब 24 अप्रेल को परिवादी अफरोज ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी। अफरोज के नाम पर दो पैन कार्ड बन गए थे, जिसकी वजह से उसके बैंक खातों की केवाईसी अटक गई थी और व्यावसायिक लेन-देन ठप हो गया था। जब वह इस समस्या को लेकर आयकर विभाग पहुंचा, तो वहां तैनात कर सहायक लाखन सिंह जोगी ने पुराने पैन कार्ड को पुनः सक्रिय करने और दूसरे पैन कार्ड को बंद करने के बदले रिश्वत की मांग की। उसने परिवादी से 4400 रुपए वसूल लिए और काम पूरा करने की एवज में लगातार अतिरिक्त पैसों का दबाव बना रहा था।
एसीबी ने जब शिकायत का सत्यापन शुरू किया तो दोनों के बीच की पूरी बातचीत रिकॉर्डिंग डिवाइस में दर्ज हो गई। रिकॉर्डिंग में पीड़ित अफरोज कहता है, ‘सर, मैंने आपको 4400 रुपए दे दिए थे।’ इस पर आरोपी लाखन सिंह झल्लाते हुए जवाब देता है, ‘अरे, तू आज आ रहा था तो लेकर क्यों नहीं आया? तू आएगा तभी मिलेगा, फिर बाद में आने से कोई फायदा नहीं होगा।’ जब पीड़ित ने केवल छह-सात सौ रुपए पास में होने की बात कही, तो रिश्वतखोर अधिकारी ने कहा, ‘ला दे मुझे… अरे इतना भी नहीं है क्या? जल्दी कर, तेरा काम तुरंत हो जाएगा, इतना मत सोच।’ इसके तुरंत बाद एसीबी की रिकॉर्डिंग में रिश्वत के नोट गिने जाने की स्पष्ट आवाज भी कैद हुई। आरोपी ने पूछा, ‘कितने रुपए हैं ये?’ जिस पर अफरोज ने कहा, ‘छह सौ आ गए ना सर।’