जयपुर

Rajasthan News: ट्रैप टीम पहुंची तो खिड़की से लॉन में फेंक दी थी रिश्वत की रकम, ACB की एफआइआर में खुलासा

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा जयपुर के गणगौर होटल में की गई ट्रैप कार्रवाई की एफआइआर में चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। दहेज प्रताड़ना के केस में लड़का पक्ष को राहत देने और धाराएं हल्की करने के नाम पर कर्नाटक पुलिस की महिला सब-इंस्पेक्टर अनीथा के., हेड कांस्टेबल उलवप्पा और यतीश को गिरफ्तार किया गया था।
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Updated: 22 Jun 2026, 3:20 PM IST
Rajasthan ACB caught three Bengaluru police personnel taking bribe
Rajasthan ACB : राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan ACB trap Bengaluru Police Personnel case : जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा जयपुर के गणगौर होटल में की गई ट्रैप कार्रवाई की एफआइआर में चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। दहेज प्रताड़ना के केस में लड़का पक्ष को राहत देने और धाराएं हल्की करने के नाम पर कर्नाटक पुलिस की महिला सब-इंस्पेक्टर अनीथा के., हेड कांस्टेबल उलवप्पा और यतीश को गिरफ्तार किया गया था।

बता दें कि एसीबी ने 14 जून को कर्नाटक के बेंगलूरू स्थित एच.ए.एल पुलिस थाने की महिला उप निरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मियों को जयपुर के गणगौर होटल में रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोप है कि ये पुलिसकर्मी दहेज प्रताड़ना के एक मामले में परिवादी और उसके परिवार को राहत देने तथा केस को कमजोर करने के बदले दो लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। लेकिन बाद में सौदा 40 हजार रुपए में तय हुआ।

होटल का कमरा नंबर 303

एफआइआर के अनुसार, परिवादी रिश्वत की रकम लेकर गणगौर होटल पहुंचा, जहां हेड कांस्टेबल उलवप्पा ने रुपए अपने पिट्ठू बैग में रख लिए। इसी दौरान एसीबी की ट्रैप टीम कमरे में दाखिल हो गई। टीम को देखते ही उलवप्पा घबरा गया और उसने तुरंत बैग से नोटों की गड्डी निकालकर कमरा नंबर 303 की खिड़की से नीचे लॉन में फेंक दी। एसीबी ने गवाहों की मौजूदगी में लॉन से 38 हजार रुपए असली और 2 हजार रुपए डमी नोट बरामद कर आरोपियों को दबोच लिया।

केस डायरी: रिश्वत के लेन-देन और पूछताछ की मुख्य बातें

परिवादी: केस हल्का करने और आरोपों से मुक्त करने के लिए कितने पैसे देने होंगे?
उलवप्पा: मैडम (एसआइ) के 50 हजार, हम दोनों के 25-25 हजार और बाकी खर्चा मिलाकर दो लाख रुपए लगेंगे।

परिवादी: इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था नहीं हो पाएगी, अभी सिर्फ 40 हजार रुपए ही हो सके हैं।
उलवप्पा (मैडम के कमरे से लौटकर): ठीक है, मैडम ने कहा है बाकी की रकम बाद में बेेंगलूरु आकर दे देना।

ट्रैप के बाद एसीबी की पूछताछ

एसीबी टीम: आपने परिवादी से किस बात के पैसे लिए और टीम को देखकर खिड़की से नीचे क्यों फेंके?
उलवप्पा: मुझे नहीं पता, मैंने कोई रिश्वत नहीं ली। (महिला एसआइ ने भी जानकारी से इनकार कर दिया)।
परिवादी: ये झूठ बोल रहे हैं, मैडम के कहने पर ही पैसे मांगे गए थे और आज मैंने इन्हें 40 हजार रुपए दिए हैं।

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22 Jun 2026, 3:20 PM IST
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