Bisalpur Dam: बीसलपुर बांध के गेट खुलने की उम्मीदें पूरी हैं। कारण, बीसलपुर बांध में आने वाली त्रिवेणी का गेज अब भी तीन मीटर से अधिक चल रहा है। पिछले चौबीस घंटे में 27 सेमी पानी आया है। बांध में अब केवल 33 सेमी ही खाली रहा है। पानी की आवक जारी से अगले एकाध दिन में बांध लबालब हो जाएगा।
Bisalpur Dam water level: जयपुर। जयपुर, अजमेर व टोंक जिले की जीवनरेखा माने जाने वाले बीसलपुर बांध के अब गेट खोलने की तैयारियां तेज कर दी है। प्रशासन पूरी तरह से चाक-चौबंद हो गया है। कारण, पिछले 24 घंटे में 27 सेमी पानी बांध में आया है। यानी औसत हर घंटे एक सेमी से भी अधिक बांध में पानी की आवक हुई है।बांध में सोमवार सुबह छह बजे तक गेज 315.17 आरएल मीटर तक जा पहुंचा। अब ऐसे में बांध मात्र 33 सेमी ही खाली रह गया है। बांध में पानी की यही आवक रही तो कल यानी 22 जुलाई को शाम तक बांध के गेट खोलने का निर्णय भी किया जा सकता है।
| तारीख | समय | जल स्तर (आरएल मीटर में) |
|---|---|---|
| 20 जुलाई 2025 | सुबह 6:00 बजे | 314.90 |
| 20 जुलाई 2025 | दोपहर 12:00 बजे | 314.96 |
| 20 जुलाई 2025 | शाम 4:00 बजे | 315.00 |
| 20 जुलाई 2025 | शाम 6:00 बजे | 315.02 |
| 21 जुलाई 2025 | सुबह 6:00 बजे | 315.17 |
बीसलपुर बांध के गेट खुलने की उम्मीदें पूरी हैं। कारण बीसलपुर बांध में आने वाली त्रिवेणी का गेज अब भी तीन मीटर से अधिक चल रहा है। पिछले चौबीस घंटे में 27 सेमी पानी आया है। बांध में अब केवल 33 सेमी ही खाली रहा है। पानी की आवक जारी से अगले एकाध दिन में बांध लबालब हो जाएगा।
बीसलपुर बांध के गेट खोलने से पहले प्रशासन आस-पास गांवों को सचेत करने के लिए सायरन बजाएगा। ताकि अलर्ट रहे। इसके बाद बांध में पानी की आवक की क्षमता के अनुसार गेट खोले जाएंगे। पानी जिस रफ्तार से आएगा, उतने ही पानी की निकासी के लिए गेटों की संख्या व हाइट तय की जाएगी।इसके अलावा बांध के गेट खोलने से पहले बांध प्रशासन पूजा-अर्चना भी करता है।
इस बार मानसून पूरी तरह से मेहरबान रहा है। समय से एक सप्ताह पहले राजस्थान में मानसून आ गया। उम्मीद से अधिक बारिश भी हुई है। ऐसे में बीसलपुर बांध के लबालब होने की उम्मीदें भी पूरी हैं। पिछले साल की बात की जाए तो बांध के गेट छह सितम्बर को खोले गए थे। बांध के गेट अब तक सात बार खोले गए हैं। इनमें छह बार अगस्त व एक बार सितम्बर में खुले थे। लेकिन इस बार जुलाई में उम्मीदें पूरी हैं। ऐसा होता है कि पिछले 26 साल के इतिहास में पहली बार होगा कि बांध के गेट जुलाई में खुलेंगे।