
राजस्थान में आगामी पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों की आहट के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच दलबदल का सिलसिला तेज़ हो गया है। चूरू जिले के सरदारशहर विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल के दौरे के दौरान एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। हाल ही में आरएलपी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए कार्यकर्ताओं के झटके के बाद अब पलटवार करते हुए भाजपा और कांग्रेस के कई स्थानीय नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने आरएलपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
चूरू जिले के सरदारशहर में आगामी निकाय चुनाव एवं पंचायती राज चुनाव को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ चुनावों की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान बेनीवाल की उपस्थिति में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरएलपी का दामन थामा। पार्टी में शामिल हुए सभी नए सदस्यों को बेनीवाल ने आरएलपी का दुपट्टा पहनाकर पार्टी परिवार में स्वागत किया और संगठन को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करने का संकल्प दिलाया।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस बैठक और दलबदल की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा:
"चूरू जिले के सरदारशहर में आगामी निकाय चुनाव एवं पंचायती राज चुनाव को लेकर आयोजित संगठनात्मक बैठक में सम्मिलित होकर पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं नागरिकों के साथ आगामी चुनावों की रणनीति और संगठन को मजबूत करने को लेकर विस्तृत संवाद किया।"
"इस अवसर पर कांग्रेस एवं भाजपा को छोड़कर अनेक साथियों ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की सदस्यता ग्रहण कर पार्टी परिवार को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया।"
"आगामी पंचायती राज एवं निकाय चुनाव में जनहित के मुद्दों को लेकर RLP मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। मान-सम्मान और आत्मीय स्वागत के लिए सरदारशहर विधानसभा क्षेत्र एवं चूरू जिले के सभी साथियों का हृदय से आभार एवं धन्यवाद।"
उल्लेखनीय है कि चूरू और आसपास के शेखावटी क्षेत्र में निकाय और पंचायत चुनाव से ठीक पहले नेताओं का पाला बदलने का दौर अपने शबाब पर है। कुछ दिन पहले ही आरएलपी के कुछ कार्यकर्ताओं के भाजपा में जाने की खबरें आई थीं, लेकिन सरदारशहर की इस बैठक से बेनीवाल ने साफ संदेश दिया है कि आरएलपी ज़मीनी स्तर पर जनहित के मुद्दों के साथ पूरी ताकत से चुनाव में उतरेगी। इस नए दलबदल से क्षेत्र के स्थानीय समीकरणों में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।