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देशभर के स्कूलों में छात्रों ने ली साइबर सुरक्षा की शपथ, राजस्थान पुलिस ने दिया सुरक्षित डिजिटल भारत का संदेश

Cyber Awareness Month: राजस्थान पुलिस ने कहा साइबर सुरक्षा की शुरुआत, हमारे युवाओं के साथ। कोटा (राजस्थान), उधमपुर, चेन्नई और कोलकाता के केंद्रीय विद्यालयों सहित देश भर के छात्रों ने सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान जिम्मेदार डिजिटल आदतों को अपनाने की शपथ ली।
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जयपुर

•

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MOHIT SHARMA

•

Oct 03, 2026

AI-generated-image-of-Cyber-Safety-Pledge-at-School

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राजस्थान पुलिस ने साइबर जागरूकता माह (Cyber Awareness Month) अभियान की शुरुआत की है। अक्टूबर माह को साइबर सुरक्षा के लिए समर्पित करते हुए देशभर के केंद्रीय विद्यालयों में छात्रों ने सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान जिम्मेदार डिजिटल आदतों की शपथ ली। कोटा (राजस्थान), उधमपुर, चेन्नई और कोलकाता समेत कई स्कूलों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की साइबर सुरक्षा प्रतिज्ञा के तहत छात्रों ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग का संकल्प लिया।

छात्रों ने लिया सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प

देश के विभिन्न हिस्सों के केंद्रीय विद्यालयों में सुबह की असेम्बली के दौरान छात्रों ने एक साथ खड़े होकर साइबर सुरक्षा की शपथ ली। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि कक्षाओं में बच्चे ध्यान से सुन रहे हैं और शिक्षकों व पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में प्रतिज्ञा ले रहे हैं। एक छात्र की पीठ पर “Cyber Warriors” लिखा टी-शर्ट भी नजर आ रहा है, जो युवा पीढ़ी की जागरूकता को दर्शाता है। राजस्थान पुलिस ने कहा कि भारत का भविष्य सुरक्षित डिजिटल स्पेस बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और युवा इस अभियान की अगुवाई कर रहे हैं।

I4C साइबर सुरक्षा प्रतिज्ञा के चार महत्वपूर्ण बिंदु

प्रतिज्ञा में चार मुख्य बातें शामिल हैं जिन्हें हर नागरिक को याद रखना चाहिए।

सुरक्षित डाउनलोड: मोबाइल ऐप्स केवल आधिकारिक वेबसाइटों या भरोसेमंद ऐप स्टोर से ही इंस्टॉल करें।

विश्वास करने से पहले जांचें: सोशल मीडिया ग्रुप्स या ऑनलाइन विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, जानकारी की सत्यता जरूर जांचें।

सतर्क रहें: अज्ञात नंबरों से आने वाले कॉल या मैसेज पर कभी भी तुरंत प्रतिक्रिया न दें।

गोल्डन रूल: “रुकें। सोचें। फिर एक्शन लें।”

राजस्थान पुलिस का आह्वान: आप भी लें प्रतिज्ञा

राजस्थान पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे भी आज ही साइबर सुरक्षा प्रतिज्ञा लें और साइबर-जागरूक तथा साइबर-सुरक्षित राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बनें। पुलिस का स्पष्ट संदेश है – “राजस्थान पुलिस – आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर।” अगर किसी के साथ साइबर फ्रॉड होता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। व्हाट्सऐप नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है।

सुरक्षित डिजिटल भारत की ओर एक बड़ी पहल

यह अभियान सिर्फ शपथ लेने तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया मैसेज, विज्ञापनों और अनजान ऑफर्स की सत्यता जांचने के बाद ही भरोसा करने का वादा छात्रों ने किया है। केवल आधिकारिक वेबसाइट्स या भरोसेमंद ऐप स्टोर्स से ही मोबाइल ऐप्स इंस्टॉल करने का संकल्प भी लिया गया। राजस्थान पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। युवाओं को सही आदतें सिखाकर हम आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित डिजिटल दुनिया दे सकते हैं।

स्कूलों में शुरू हुई जागरूकता घर-घर तक पहुंचे

आज के समय में इंटरनेट और स्मार्टफोन हर घर की जरूरत बन चुके हैं। ऐसे में साइबर ठग भी सक्रिय हैं। फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, नकली ऐप्स और ऑनलाइन स्कैम रोजाना हजारों लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसलिए राजस्थान पुलिस का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है। स्कूलों में शुरू हुई यह जागरूकता घर-घर तक पहुंचे तो साइबर अपराधों में कमी आ सकती है।

राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता आम नागरिकों की सुरक्षा है। साइबर जागरूकता माह के दौरान और भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें, जानकारी साझा करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद लें। सुरक्षित डिजिटल भारत का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक “रुकें, सोचें और फिर एक्शन लें” के मंत्र को अपनाए।

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