Census-2027 : जनगणना-2027 को देखते हुए राजस्थान में बुधवार को प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज हो गईं। यानि नए जिले, तहसील और गांव बनाने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही अफसरों और कर्मचारियों के ट्रांसफर पर भी रोक रहेगी।
Census-2027 : जनगणना-2027 को देखते हुए प्रदेश में बुधवार को प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज हो गईं। जनगणना का कार्य पूरा होने तक अब जिला, उपखंड, तहसील, गांव, शहरी निकाय आदि की सीमाओं में बदलाव नहीं हो सकेगा। यानि की नए जिले, उपखंड, तहसील, गांव, वार्ड बनाने और उनकी सीमाओं के बदलाव पर रोक लग गई है। वहीं जनगणना से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले पर भी पाबंदी लग जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिसूचना जारी करने के बाद ही प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव पर रोक हटेगी। हाल ही कलक्टर, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, शहरी निकायों के आयुक्त आदि को जनगणना अधिकारी घोषित कर दिया गया था।
फरवरी में जनगणना कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू हो रहा है और एक अनुमान के मुताबिक जनगणना के काम में 2 लाख से अधिक कर्मचारी-अधिकारियों की ड्यूटी लगेगी। इनमें करीब 1.60 लाख प्रगणक और करीब 30 से 40 हजार सुपरवाइजर व अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
पहला फेज- 15 मई से 15 जून 2026 तक मकान सूचीकरण।
दूसरा फेज- फरवरी-मार्च 2027 व्यक्तियों से संबंधित जानकारी, जातिगत जनगणना।