जयपुर जिले के चौमूं में हुई पत्थरबाजी के मामले में रविवार को पुलिस ने 19 आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। वहीं तीसरे दिन स्थिति समान्य होने पर इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई।
चौमूं। शहर में धार्मिक स्थल पर पत्थर हटाने के बाद रेलिंग लगाने को लेकर गुरुवार रात उपजे विवाद के बाद तीसरे दिन रविवार को हालात पूरी तरह नियंत्रण में रहे। शहर के प्रमुख इलाकों बस स्टैंड, रावण गेट, लक्ष्मीनाथ चौक और इमाम चौक में भारी पुलिस बल तैनात रहा। दंगा नियंत्रण वाहन और वाटर केनन भी मौके पर मौजूद रहे।
डीसीपी हनुमान प्रसाद मीणा के नेतृत्व में लगातार पुलिस गश्त की गई। पुलिस ने पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। उधर प्रशासन की ओर से बंद की गई इंटरनेट सेवाओं को शुरू कर दिया गया। उधर पुलिस ने उपद्रव मचाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 19 लोगों को रविवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, राजकार्य में बाधा डालने और जानलेवा हमले के आरोप में करीब 35 नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्तार अली, आकिब, मोहसिन खान, उमर बेग, जहीन खान, हैदर अली, समीर, आबिद, सलमान, अरबाज, कामरान, ताहिर आलम, जाबाज, फरदीन, शाहरुख, फैजान खान, जावेद खान, जावेद कुरैशी और वसीम कुरैशी शामिल हैं।
पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने शाहपुरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रशंसा करते हुए जल्द कार्रवाई और कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की। साथ ही एसएचओ प्रदीप शर्मा को पुरस्कृत करने की भी बात कही।
गौरतलब है कि गुरुवार देर शाम चौमूं बस स्टैंड स्थित धार्मिक स्थल पर वर्षों से पड़े पत्थरों को समुदाय विशेष की सहमति से हटाया गया था। इसके बाद रेलिंग लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया और देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई। उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया, जिस पर पुलिस को लाठचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए।