
जयपुर। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन को नई दिशा देने की तैयारी में जुटे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका का कहना है कि यह संघर्ष केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है। जयपुर के तिलक नगर निवासी रांका पिछले दो महीने से लगातार अभियान में सक्रिय हैं और घर भी नहीं लौट पाए हैं। उनका कहना है कि अब देशभर में संगठन खड़ा कर शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा। राजस्थान पत्रिका से बातचीत में उन्होंने आंदोलन, रणनीति और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की।
सवाल: पिछले दो महीने से लगातार अभियान में हैं। घर कब से नहीं गए?
जवाब: तीन जून से लगातार घर से बाहर हूं। पिछले दो महीने से पूरी तरह सीजेपी के अभियान को गति देने में लगा रहा। अब जल्द ही घर लौटने की उम्मीद है।
सवाल: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को आप कैसे देखते हैं?
जवाब: यह एक ऐतिहासिक घटना है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि छात्रों के आंदोलन के दबाव में शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। यह युवाओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की बड़ी जीत है।
सवाल: जंतर-मंतर पर लंबे धरने के दौरान कभी डर नहीं लगा?
जवाब: बिल्कुल नहीं। वहां लगातार लोगों की भीड़ आ रही थी। सबसे बड़ी बात यह रही कि लोग खुद सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे थे। वालंटियर पूरी व्यवस्था देख रहे थे। माहौल ऐसा था कि कभी डर महसूस नहीं हुआ।
सवाल: क्या पहले से भरोसा था कि इस्तीफा मिलेगा?
जवाब: यह नहीं पता था कि इस्तीफा देंगे या नहीं। लेकिन हमने तय कर लिया था कि जब तक इस्तीफा नहीं होगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
सवाल: अब आगे की रणनीति क्या होगी?
जवाब: अब इस अभियान को पूरे देश में ले जाएंगे। संगठन को मजबूत करेंगे। शिक्षा और युवाओं से जुड़े कई मुद्दे हैं, जिनका समाधान जरूरी है। युवाओं की बात सुनेंगे और उनके मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे। इसके लिए हम हर प्रयास करेंगे।
सवाल: क्या भविष्य में राजनीति में आने की भी संभावना है?
जवाब: हमारा उद्देश्य शिक्षा और युवाओं के मुद्दे उठाना है। यदि इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए राजनीति में आना पड़ा, तो उस पर भी विचार करेंगे।
सवाल: जयपुर कब लौटेंगे?
जवाब: काफी समय से घर नहीं जा पाया हूं। अब जल्द ही जयपुर आकर परिवार से मिलूंगा और फिर आगे के अभियान की तैयारी करूंगा।