राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह में सीएम भजनलाल शर्मा ने आरजीएचएस में गड़बड़ियों पर सवाल उठाते हुए चिकित्सकों को पारदर्शिता व नियम पालन की सख्त हिदायत दी। साथ ही एनआईए के विस्तार के लिए नई जमीन आवंटन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में हो रही गड़बड़ियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने केन्द्रीय आयुष राज्यमंत्री प्रताप राव जाधव की मौजूदगी में कहा कि 'कोई एक ही कर्मचारी को 75 डिब्बे च्यवनप्राश लिख रहा है तो कहीं 25-30 साल का नौजवान एक महीने में 4-4 बार पंचकर्म करा रहा है। इसे क्या मानें?
सीएम ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) के स्वर्ण जयंती समारोह में आयुर्वेद और स्वास्थ्य योजनाओं की गड़बड़ियों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने चिकित्सकों को हिदायत दी कि अगर उन्हें भी ऐसे ही करना है तो हमारे पश्चिमी राजस्थान में बहुत सी ऐसी जगह हैं, जहां उन्हें लगा देंगे। अब वह जमाना नहीं रहा, जब किसी बात का पता नहीं चले।
सीएम ने कहा कि राजस्थान की माटी में आयुर्वेद की जड़ें गहरी हैं। प्रदेश में औषधि उत्पादन की अद्भुत क्षमता है। सरकार आयुर्वेद के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय राज्यमंत्री जाधव ने कहा कि वर्तमान में लोगों की असंतुलित जीवनशैली के कारण मधुमेह, विटामिन बी 12 व डी की कमी जैसी अनेक बीमारियां पनप रही हैं।
इन बीमारियों के निदान के लिए योग व आयुर्वेद महत्वपूर्ण हैं। उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि नेशनल आयुष मिशन में वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के तहत राजस्थान को देश में सर्वाधिक 348 करोड़ रुपए आवंटित किए गए।
केंद्रीय मंत्री प्रताप राव जाधव ने कार्यक्रम में संस्थान के लिए जगह की कमी बताते हुए उसकी जरूरत जताई। इस पर सीएम ने कहा कि जब केंद्रीय मंत्री खुद इस संस्थान की चिंता कर रहे हैं, तो राज्य सरकार पीछे नहीं हटेगी। एनआइए के अधिकारी हमारे अधिकारियों के साथ मिलकर जगह देख लें। संस्थान के विस्तार के लिए राज्य सरकार आवश्यकतानुसार जमीन का आवंटन करेगी।
सीएम ने एनआईए परिसर में नवनिर्मित ओपीडी सुश्रुत भवन का लोकार्पण किया। अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर ब्लॉक, एडवांस्ड सिमुलेशन लैब, पॉडकास्ट स्टूडियो सहित कई नवाचारों की शुरुआत भी की। केन्द्रीय मंत्री जाधव ने गलताजी स्थित संस्थान की आरोग्य वाटिका का उद्घाटन किया। एनआइए के कुलगुरु प्रोफसर संजीव शर्मा ने आभार जताया।
कार्यक्रम में मुख्य मंच के पास ड्रोन उड़ता देख सीएम सिक्योरिटी के सुरक्षाकर्मियों ने ड्रोन को नीचे उतरवाया। इसके बाद ड्रोन मुख्य मंच के पीछे ही उड़ाया गया।
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