राजकीय प्राथमिक विद्यालय की भूमि से आखिर 10 साल बाद अतिक्रमण हटाया गया। साथ ही पक्के निर्माण वाले अतिक्रमियों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया।
जयपुर। आंधी तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बहलोड़ के खारड़ा की ढाणी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की भूमि से आखिर 10 साल बाद अतिक्रमण हटाया गया। पत्रिका में प्रकाशित लगातार प्रकाशित खबरों व सीएमओ की दखल के बाद करीब तीन बीघा स्कूल भूमि से जेसीबी व ट्रैक्टर की सहायता से अतिक्रमण हटाया गया।
इस दौरान बहलोड़ स्थित खारडा की ढाणी में स्कूल भूमि से जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाया गया। साथ ही स्कूल भूमि पर बोई गई फसल को ट्रैक्टर की मदद से नष्ट किया गया। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान अतिक्रमियों की आशंका के चलते रायसर थाना प्रभारी हेमराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। इस दौरान आंधी तहसीलदार प्रांजल कंवर, गिरदवार पूजा मीणा, पटवारी दीनदयाल मीणा, आंधी पटवारी हरिओम मीणा व रायसर पटवारी भी मौजूद रहे।
पटवारी दीनदयाल मीणा ने बताया कि स्कूल भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए पक्के निर्माण के लिए अतिक्रमी को अपने स्तर पर हटाने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद प्रशासन की ओर से पक्के अतिक्रमण को धवस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मामले को लेकर ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी।
जानकारी के अनुसार खारड़ा की ढाणी राप्रावि की भूमि पर पिछले 10 साल से अतिक्रमियों का कब्जा था। जिसके चलते स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिता सहित अन्य गतिविधियां प्रभावित हो रही थी। मामले को लेकर विद्यालय प्रशासन व ग्रामीणों ने कई बार पंचायत प्रशासन, तहसीलदार, एसडीएम को भी लिखित में शिकायत दी थी, लेकिन अतिक्रमियों की उच्च रसुख के चलते स्कूल भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं करवाया जा सका था।
गौरतलब है कि स्कूल भूमि पर हुए अतिक्रमण को लेकर प्रशासन द्वारा सुनवाई नहीं करने पर राजस्थान पत्रिका ने भी समय-समय पर खबरें प्रकाशित कर विद्यार्थियों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। राजस्थान पत्रिका ने स्कूल भूमि पर 10 साल में अतिक्रमण नहीं हटा सका प्रशासन, 20 नवम्बर को पुलिस जाप्ता नहीं मिलने से फिर टली अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, 4 दिसम्बर को फिर टली स्कूल भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई व 13 दिसम्बर को सीएमओ व मुख्य सचिव के पास पहुंचा स्कूल भूमि पर अतिक्रमण का मामला शीर्षक से खबर प्रकाशित कर अधिकारियों की अनदेखी को उजागर किया था। स्कूल भूमि से अतिक्रमण हटने के बाद स्कूल प्रशासन व ग्रामीणों ने पत्रिका का आभार जताया।