Rajasthan Panchayat Election: जयपुर में पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक तापमान चढ़ गया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर चुनाव टालने का आरोप लगाते हुए कड़ा रुख अपना लिया है।
जयपुर। बिड़ला सभागार में बुधवार को कांग्रेस की ओर से पंचायतीराज सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित हुआ, जहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य की भाजपा सरकार पर पंचायत चुनाव टालने का आरोप लगाते हुए बड़ा हमला किया। डोटासरा ने कहा कि यदि विधानसभा सत्र खत्म होने तक पंचायत चुनावों की घोषणा नहीं हुई, तो वे और जूली आमरण अनशन पर बैठेंगे।
उन्होंने कहा कि अधिकांश पंचायत समितियों और जिला परिषद प्रमुखों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन सरकार जानबूझकर चुनाव से बच रही है। डोटासरा ने भाजपा पर मनमाने ढंग से वार्ड और पंचायतों का परिसीमन करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस पंचायत चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ करेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 3000 करोड़ रुपए रिलीज करने से पहले स्पष्ट कर दिया है कि निकाय चुनाव करवाना जरूरी है। डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे दो साल में जितने नेताओं को जेल भेजना चाहते हैं भेज दें, लेकिन दो साल बाद कांग्रेस सत्ता में आई तो भाजपा को उसी भाषा में जवाब मिलेगा। ओएमआर शीट प्रकरण पर डोटासरा ने कहा कि भाजपा केवल कांग्रेस सरकार के समय हुई भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग कर रही, जबकि पिछले 12 साल की सभी भर्तियों की सीबीआई जांच करवा ली जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।
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सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि कानून में स्पष्ट होने के बावजूद पंचायत चुनाव नहीं कराए गए। उन्होंने मनरेगा कानून में हुए बदलावों पर कहा कि सरकार ने काम का अधिकार छीन लिया है। पहले 90 प्रतिशत फंड केंद्र देता था, अब इसे 60:40 कर दिया गया है। जूली ने कहा कि प्रदेश में चार महीने से वृद्धावस्था और विधवा पेंशन नहीं दी जा रही, क्योंकि हर नागरिक पर लगभग एक लाख रुपए का कर्ज है।