Rajasthan Public Alert : बिना धुले जमीकंद, पत्ता गोभी, गाजर-मूली खाना खतरनाक। आप न्यूरोसिस्टी सरकोसिस का शिकार भी बन सकते हैं। जिसके बाद आपके शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं।
विकास जैन
Rajasthan Public Alert : अधिकांश लोग खाने से पहले गाजर, मूली और पत्ता गोभी को नियमिततौर पर सलाद में काम लेते हैं। लेकिन जमीन के अंदर उगी इन सब्जियों का उपयोग बिना धोए करने से यह न्यूरोसिस्टी सरकोसिस का शिकार भी बना सकती हैं। यह एक तरह का न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। जिसमें दौर, लकवे बार-बार सिरदर्द, उल्टी और शरीर के हिस्से में कमजोरी, मेनेजाइटिस की शिकायत हो सकती है। आंखों में भेंगापन और रोशनी जाने के साथ ही मांसपेशियों, लिवर और पेनक्रियाज सहित शरीर के अन्य अंग भी प्रभावित हो सकते हैं
अकेले एसएमएस अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में हर माह इस तरह के मामले पहुंच रहे हैं। सिप्टोमेटिक एपिलेप्सी के एक तिहाई मरीजों में दौरे का कारण न्यूरोसिस्टी सरकोसिस को माना जाता है। नेत्र रोग विभाग में भेंगापन और आंखों की रोशनी जाने के लिए भी दूषित सब्जियां जिम्मेदार हो सकती हैं।
न्यूरोसिस्टी सरकोसिस एक परजीवी संक्रमण है। जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) को प्रभावित करता है। यह पोर्क टेपवर्म (टेनिया सोलियम) के लारवा से होता है। जिसे एनसीसी भी कहते हैं। मनुष्य का मल जहां पर जाता है उसमें यह कीड़े पैदा होते हैं। टेनिया सोलियम फीता कृमि के अंडे जमीन में चले जाते हैं। फिर सब्जियों व छिलकों पर चिपक जाते हैं। इन्हें बिना साफ किया खाने से, दिमाग और शरीर के कई अंगों, आंखें, पेनक्रियाज, लिवर, मसल्स में भी चली जाती है।
एसएमएस के न्यूरोलॉजी विभाग में हर माह इस तरह के 5 से 7 नए मामले आ जाते हैं। इसका शिकार होने के बाद मरीज का इलाज न्यूनतम 2 से 3 वर्ष या पूरी जिंदगी चलता है। आईआईटी मंडी, आईसीएमआर नई दिल्ली इस पर स्टडी भी कर रहे हैं।
डॉक्टर भावना शर्मा, न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज
जयपुर के एक मरीज को पिछले दिनों डर और लकवा की शिकायत हुई। पहले निजी अस्पताल फिर एसएमएस अस्पताल के न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ को उन्होंने दिखाया। चिकित्सकों ने उन्हें उनकी बीमारी का कारण सलाद बताया। यह सुनकर मरीज और परिजन सब चौक। अभी उनका इलाज चल रहा है।