जयपुर

Chinese Manja: कैसे जानलेवा बन जाता है प्रतिबंधित चाइनीज मांझा, डर के साए में रहते हैं लोग, जानिए इसकी वजह

मकर संक्रांति से पहले एक बार फिर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का खतरा बढ़ गया है, जिससे आमजन, वाहन चालकों और पक्षियों की जान पर बन आई है।
2 min read
Jan 06, 2026
banned Chinese manja, Chinese manja, death due to Chinese manja, accident due to Chinese manja, Chinese manja news, Chinese manja latest news, kite flying, Makar Sankranti
फाइल फोटो

जयपुर। राजस्थान में चाइनीज मांझा प्रतिबंधित होने के बावजूद इसका उपयोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। खासकर मकर संक्रांति के आसपास पतंगबाजी के दौरान कई युवा इस घातक मांझे का इस्तेमाल करते हैं। इसका खामियाजा आमजन, वाहन चालकों और बेजुबान पक्षियों को भुगतना पड़ता है।

ऐसे होता है तैयार

चाइनीज मांझा दरअसल सामान्य सूती धागा नहीं होता। इसे नायलॉन या सिंथेटिक फाइबर से तैयार किया जाता है, जिस पर कांच का बारीक चूरा, केमिकल पाउडर और गोंद मिलाकर लेप चढ़ाया जाता है। कई मामलों में इसे और धारदार बनाने के लिए धातु कणों तक का प्रयोग किया जाता है। यही वजह है कि यह मांझा बेहद मजबूत और तेज धार वाला हो जाता है, जो सामान्य सूती मांझे की तुलना में कई गुना ज्यादा खतरनाक है।

पक्षियों के लिए जानलेवा

जब यह मांझा हवा में फैला रहता है, तो सड़क से गुजरने वाले बाइक सवार, स्कूटर चालक और साइकिल सवार इसकी चपेट में आ जाते हैं। गर्दन, चेहरे या हाथों पर लगने से गहरे घाव हो जाते हैं। राजस्थान में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें वाहन चालकों की जान तक चली गई। पक्षियों के लिए चाइनीज मांझा और भी जानलेवा साबित होता है। पतंगों से उलझकर पक्षियों के पंख, गर्दन और पैर कट जाते हैं। मकर संक्रांति के दौरान राजस्थान के कई जिलों में हर साल दर्जनों पक्षियों के घायल या मृत मिलने की घटनाएं सामने आती हैं।

चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध

राज्य सरकार ने चाइनीज मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद चोरी-छिपे इसकी बिक्री होती है। प्रशासन हर साल अभियान चलाकर मांझा जब्त करता है और कार्रवाई भी करता है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण समस्या बनी हुई है। विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पतंगबाजी का आनंद सुरक्षित सूती मांझे से भी लिया जा सकता है।

यह वीडियो भी देखें

क्यों होता है इतना खतरनाक

  1. कांच और धातु पाउडर की कोटिंग- चाइनीज मांझे पर कांच का बुरादा, एल्युमिनियम ऑक्साइड या धातु पाउडर चिपकाया जाता है। इससे रेजर ब्लेड जितनी धारदार हो जाती है, जो त्वचा, नसें और मांसपेशियां पल भर में काट देती है।
  2. नायलॉन/सिंथेटिक धागा- यह मांझा सूती नहीं बल्कि नायलॉन या प्लास्टिक फाइबर से बनता है। यह टूटता नहीं, बल्कि शरीर में फंसकर और गहराई तक कट लगाता है।
  3. तेज रफ्तार में घातक- बाइक सवार, पैदल यात्री या बच्चे के गले पर यह मांझा अगर तेज गति में लग जाए, तो गर्दन की नसें तक कट सकती हैं।
  4. आंख और चेहरे पर स्थाई नुकसान- आंख लगने पर स्थाई अंधापन, वहीं चेहरे पर लगने पर गंभीर और गहरे जख्म दे सकता है।
  5. जानवरों और पक्षियों के लिए भी जानलेवा- पक्षियों के पंख, गर्दन कट जाती है। घाव इतने गहरे और साफ कटे हुए होते हैं कि तुरंत सर्जरी न हो तो जान बचाना मुश्किल हो जाता है।
Updated on:
06 Jan 2026 08:15 pm
Published on:
06 Jan 2026 07:56 pm