
MNIT Student Labhisha Meena: ट्रेन टिकट बुकिंग के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने के लिए भारतीय रेलवे जल्द ही IRCTC का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश करने जा रहा है। रेलवे का लक्ष्य 15 जुलाई तक नई वेबसाइट को लॉन्च करना है। इस प्लेटफॉर्म में टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान बनाया जाएगा और कैप्चा, लॉगिन और सर्वर से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को भी काफी हद तक कम करने की तैयारी है। साथ ही वेबसाइट की स्पीड और स्थिरता बढ़ाने के लिए तकनीकी ढांचे को अपग्रेड किया जाएगा।
इस बदलाव की शुरुआत जयपुर स्थित MNIT की छात्रा लाभिषा मीणा द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद हुई। 11 जून को आयोजित एक कार्यक्रम में छात्रा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने IRCTC वेबसाइट पर टिकट बुकिंग के दौरान आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया था।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने अधिकारियों को वेबसाइट में सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रा के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। इस दौरान नई वेबसाइट के प्रोटोटाइप को लेकर उसके सुझाव और फीडबैक भी लिए गए ताकि यात्रियों की जरूरतों के मुताबिक प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाया जा सके।
रेल मंत्रालय के मुताबिक नई वेबसाइट का फोकस टिकट बुकिंग को तेज, सरल और भरोसेमंद बनाना है। इसके लिए लॉगिन प्रक्रिया को आसान किया जाएगा और कैप्चा सिस्टम में भी सुधार होगा। इसके अलावा पीक टाइम और तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान बढ़ने वाले ट्रैफिक को संभालने के लिए सर्वर क्षमता में वृद्धि की जाएगी।
वेबसाइट का यूजर इंटरफेस भी नए सिरे से तैयार किया जा रहा है ताकि यात्रियों को टिकट बुकिंग, पीएनआर स्टेटस चेक करने और अन्य सेवाओं का इस्तेमाल करने में कम समय लगे और बेहतर अनुभव मिले।
लाभिषा मीणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रेलवे बोर्ड की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने बताया कि शिकायत रखने के अगले ही दिन अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया और नई वेबसाइट के डिजाइन पर सुझाव मांगे। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिकों के सुझावों को महत्व दिया जाना एक सकारात्मक पहल है। गौरतलब है कि छात्रा ने कार्यक्रम के दौरान बताया था कि कई बार वेबसाइट की धीमी गति, बार-बार आने वाले सत्यापन चरण और तकनीकी रुकावटों की वजह से यात्रियों को टिकट बुकिंग में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बाद रेलवे ने वेबसाइट को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया।