
Amyra Suicide Case Update: जयपुर: छात्रा अमायरा सुसाइड मामले की सुनवाई अब बाल न्यायालय (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) करेगी। जयपुर महानगर प्रथम की एसीजेएम-10 अदालत में मंगलवार को नीरजा मोदी स्कूल संचालक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदू दुबे, शिक्षिका पुनीता शर्मा और सफाईकर्मी रामू पेश हुए, जिन्हें अदालत से जमानत मिल गई। प्रसंज्ञान लेने के साथ एसीजेएम कोर्ट ने मामले को ट्रायल के लिए बाल न्यायालय भेजा है।
पीड़ित पक्ष ने आरोपियों पर साक्ष्य मिटाने और बच्ची को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। परिजनों ने मांग की कि स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल पर भी क्रूरता और उकसाने की धाराएं जोड़कर प्रसंज्ञान लिया जाए। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि प्रबंधन की ओर से ऐसा कोई कृत्य नहीं किया गया, जिससे सुसाइड के लिए उकसाने की बात साबित हो। गत वर्ष 1 नवंबर को अमायरा ने नीरजा मोदी स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
अमायरा के पिता विजय मीणा ने कहा कि गंभीर धाराओं पर संज्ञान नहीं लेने से हम निराश हैं और अपनी मांग सेशन कोर्ट के समक्ष रखेंगे। उच्च और सुप्रीम कोर्ट तक भी जाएंगे। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन ने कहा कि संघ प्रारंभ से ही पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। स्कूल प्रिंसिपल इंदु दुबे से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
धारा 106 (BNS): यह धारा किसी व्यक्ति की लापरवाही अथवा गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण हुई मृत्यु के मामलों में लागू की जाती है। इस मामले में स्कूल के संस्थापक, प्रिंसिपल और क्लास टीचर को आरोपी बनाया गया है।
धारा 238 (BNS): घटना स्थल से साक्ष्य मिटाने, छिपाने या आरोपी को बचाने के इरादे से सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने पर यह धारा लगाई जाती है। इसके तहत भी संस्थापक, प्रिंसिपल और क्लास टीचर पर आरोप तय किए गए हैं।
धारा 75 (जेजे एक्ट, 2015): यह धारा बच्चों के प्रति क्रूरता, शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना, मारपीट और उपेक्षा के खिलाफ कड़े प्रावधान करती है। यह एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। इसमें केवल क्लास टीचर को आरोपी बनाया गया है।
1 नवंबर 2025: कक्षा के सहपाठियों द्वारा परेशान किए जाने से आहत होकर अमायरा भूतल से चौथी मंजिल पर गई और वहां की रेलिंग से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान चली गई।
22 दिसंबर 2025: घटना के 51 दिनों बाद, बढ़ते दबाव के बीच स्कूल प्रशासन ने लापरवाही का दोषी मानते हुए क्लास टीचर पुनीता शर्मा और गणित शिक्षिका रचना को सेवामुक्त कर दिया।
30 दिसंबर 2025: सीबीएसई (CBSE) ने सख्त रुख अपनाते हुए जयपुर स्थित नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर की संबद्धता तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी।
1 जुलाई 2026: करीब आठ माह तक चली जांच और तीन जांच अधिकारियों के बदलने के बाद अंततः पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की।
9 जुलाई 2026: अमायरा के माता-पिता ने हादसे से ठीक पहले का क्लासरूम सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किया, जिसके बाद यह मामला एक बार फिर पूरे देश में सुर्खियों में आ गया।
28 जुलाई 2026: जयपुर महानगर प्रथम की एसीजेएम-10 अदालत ने मामले पर संज्ञान लिया। अब नीरजा मोदी स्कूल के संचालक, प्रिंसिपल, शिक्षिका और सफाईकर्मी के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया चलेगी।