जयपुर

जयपुर में CJP कार्यकर्ताओं से मारपीट के बाद पुलिस का बयान, बताया ग्रामीणों ने क्यों किया हमला

जयपुर के सांगानेर स्थित रामपुरा-कंवरपुरा में सरकारी स्कूल की बदहाली देखने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों के बावजूद कार्यकर्ताओं के अचानक दोबारा पहुंचने पर ग्रामीण उग्र हो गए, जिसके बाद यह हिंसक घटना घटी।
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Aug 21, 2026
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शिवदासपुरा थाना और आशुतोष रांका (पत्रिका फाइल फोटो)

Jaipur CJP Workers Attack: जयपुर के सांगानेर एरिया में स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में एक सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी ( CJP ) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस हमले में सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका सहित कई कार्यकर्ता घायल हो गए और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद मामले में स्थानीय पुलिस, CJP नेताओं और ग्रामीणों की ओर से तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

समझाइश के बाद दोबारा पहुंचने पर भड़का आक्रोश

शिवदासपुरा एसएचओ राजेश गौतम ने बताया कि सुबह CJP कार्यकर्ताओं के दो बार गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने समझाइश कर उन्हें वापस लौटा दिया था। पुलिस की ओर से मौके की जानकारी लेने पर वहां पूरी तरह शांति व्यवस्था बनी हुई थी।

इसके बाद सीजेपी कार्यकर्ताओं के अचानक दोबारा गांव पहुंचने पर ग्रामीण भड़क गए और उनके साथ मारपीट कर दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हुई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही सीजेपी कार्यकर्ता वहां से जा चुके थे। पुलिस ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया और फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम होने की बात कही है।

सलमान और महिला कार्यकर्ता के साथ बर्बरता का आरोप

CJP प्रतिनिधियों का आरोप है कि ग्रामीणों ने करीब 400 मीटर तक कार्यकर्ताओं को खदेड़कर गांव से बाहर कर दिया। इस दौरान काफिले में शामिल कार्यकर्ता सलमान के साथ ग्रामीणों ने मारपीट की। CJP का आरोप है कि उपद्रवियों ने महिला कार्यकर्ताओं का भी लिहाज नहीं किया । गाड़ियों पर पत्थर फेंककर शीशे तोड़ दिए। किसी तरह सभी सदस्यों ने भागकर अपनी जान बचाई।

आशुतोष रांका का बयान: '48 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो देंगे धरना'

घटना के बाद CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने राज्य सरकार और शिक्षा प्रशासन पर सीधे आरोप लगाए। रांका ने कहा कि वे इलाके में भैंसों के तबेले में चल रहे सरकारी स्कूल की बदहाली उजागर करने पहुंचे थे। रांका ने आरोप लगाया कि यह हमला आकस्मिक नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के लोगों द्वारा प्रायोजित था।

पुलिस प्रशासन को पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी, फिर भी मौके पर कोई सुरक्षा नहीं दी गई। यदि 48 घंटे के भीतर हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो हम पूरे राजस्थान में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके का बयान

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। दीपके ने कहा, राजस्थान पुलिस की सरपरस्ती में गुंडों ने हमारे कार्यकर्ताओं और आशुतोष रांका पर जानलेवा हमला किया है। जो संगठन स्कूलों की हालत सुधारने के लिए आवाज उठा रहा है, उसकी आवाज दबाने के लिए यह हिंसा कराई गई है। यह राजस्थान के लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है।

क्या है ग्रामीणों का दावा

दूसरी तरफ स्थानीय ग्रामीणों ने CJP के दावों का खंडन किया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन निर्माण के लिए फंड पहले ही स्वीकृत हो चुका है और CJP कार्यकर्ता जबरन घुसकर स्कूल का राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहे थे।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं की ओर से की गई बहस और अमर्यादित व्यवहार के कारण माहौल बिगड़ा। फिलहाल, शिवदासपुरा पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के बयानों व घटना के वीडियो फुटेज के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है।

Updated on:
21 Aug 2026 03:44 pm
Published on:
21 Aug 2026 03:19 pm