जयपुर

जयपुर में ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर बड़ा स्कैम, वेयरहाउस के अंदर ही बदल दिया करीब 2 करोड़ का माल

E-Commerce Fraud: राजधानी जयपुर में ई-कॉमर्स फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है। आरोपी नामी कंपनी पर अलग-अलग फर्जी अकाउंट बनाकर इलेक्ट्रॉनिक के महंगे सामान मंगवाते और फिर ऑर्डर कैंसिल कर रिटर्न कर देते।

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Apr 13, 2026
ई-कॉमर्स में Return Game का बड़ा खेल (फोटो-एआई)

Jaipur Cyber Crime: जयपुर के करणी विहार और सेज थाना क्षेत्र में ई-कॉमर्स धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शातिर बदमाशों ने 'रिटर्न गेम' के जरिए एक व्यापारी को 1.79 करोड़ रुपए का चूना लगा दिया।

इस सुनियोजित ठगी में 52 फर्जी कस्टमर अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया, जिसने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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वारदात का तरीका: 'असली मंगाओ, नकली लौटाओ'

पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरा खेल पिछले साल नवंबर से इस साल फरवरी के बीच खेला गया। ठगों की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। बदमाशों ने 52 अलग-अलग फर्जी नामों और खातों से महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट के ऑर्डर बुक किए। डिलीवरी मिलते ही आरोपी बॉक्स में से असली कीमती सामान निकाल लेते थे।

असली सामान की जगह उसी वजन का नकली या बेहद सस्ता सामान पैक कर दिया जाता था और फिर 'रिटर्न' या 'कैंसिलेशन' की रिक्वेस्ट डाल दी जाती थी। इस हेराफेरी के कारण पीड़ित व्यापारी चंद्र प्रकाश सिंह को लगभग 1.79 करोड़ रुपए का भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा।

अंदरूनी सांठगांठ की आशंका

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा साइबर थाना इंस्पेक्टर श्रवण कुमार ने किया है। पुलिस जांच में यह संकेत मिले हैं कि इस तरह के बड़े घोटालों में अक्सर कंपनियों के वेयरहाउस में काम करने वाले कर्मचारी ही शामिल होते हैं।

जांच में सामने आया है कि वेयरहाउस के कर्मचारी ही फर्जी नामों से ऑर्डर करते हैं। चूंकि उनके पास लॉजिस्टिक्स और पैकिंग की पूरी जानकारी और पहुंच होती है, वे आसानी से वेयरहाउस के भीतर ही असली सामान को नकली से बदल देते हैं, जिससे बाहर किसी को शक नहीं होता।

पुलिस की कार्रवाई और सबक

सेज थाना अधिकारी उदय सिंह शेखावत के नेतृत्व में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। तकनीकी साक्ष्यों और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

यह मामला व्यापारियों और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए एक चेतावनी है। रिटर्न आने वाले पैकेटों की गहन तकनीकी जांच अनिवार्य है। वेयरहाउस के भीतर सीसीटीवी और कर्मचारियों की गतिविधियों पर सख्त निगरानी की जरूरत है।

बड़ी मात्रा में महंगे ऑर्डर करने वाले नए अकाउंट्स की वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और मजबूत करना होगा। फिलहाल, पुलिस उन 52 अकाउंट्स के आईपी एड्रेस और डिलीवरी लोकेशन को ट्रैक कर रही है, ताकि इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।

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Published on:
13 Apr 2026 07:35 am
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