जयपुर

जयपुर अग्निकांड में प्रशासन की खुली पोल: आग बुझाने वाली बाइक ‘डाक’ पहुंचा रही, जानें 8 साल पहले का मकसद

राजधानी जयपुर के पुरोहित जी का कटला अग्निकांड के बाद निगम की लापरवाही उजागर हुई है। संकरी गलियों के लिए 2018 में 1.50 करोड़ रुपए में खरीदी गईं 20 फायर फाइटिंग बाइक्स से पानी की टंकियां गायब हैं और उनका उपयोग डाक पहुंचाने में हो रहा है।
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Sep 20, 2026
jaipur fire exposes
अग्निशमन उपकरणों को हटाकर डाक और सैर सपाटे के लिए तैयार किया बाइक को (पत्रिका फोटो)

Jaipur Purohit Ji Katla Fire: जयपुर में परकोटे की संकरी गलियों और सघन बाजारों को आग के खतरों से सुरक्षित रखने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर तैयार किया गया सुरक्षा तंत्र प्रशासनिक लापरवाही और अफसरों की मनमानी की भेंट चढ़ गया है। पुरोहित जी का कटला में हुए भीषण अग्निकांड के बाद नगर निगम के फायर फाइटिंग सिस्टम की कड़वी हकीकत उजागर हुई है।

संकरी गलियों में बड़ी दमकलों के न पहुंच पाने की मजबूरी से निपटने के लिए साल 2018 में 1.50 करोड़ रुपए की लागत से 20 विशेष 'फायर फाइटिंग बाइक' खरीदी गई थीं। आरोप है कि फायर शाखा के अधिकारियों ने इन बाइक पर लगे अग्निशमन उपकरण व टंकियां हटवा दीं और इन्हें सामान्य बाइक बनाकर अपने निजी इस्तेमाल का जरिया बना लिया।

22 गोदाम फायर स्टेशन पर खड़ी फायर बाइक में लगे थे अग्निशमन उपकरण

फायर बाइक होती तो नहीं धधकता पुरोहित जी का कटला!

हाल ही पुरोहित जी का कटला में लगी भीषण आग के दौरान बड़ी दमकलों के पहिए संकरी गलियों के कारण करीब 300 मीटर दूर मुख्य सड़क पर ही ठप हो गए थे। इसके बाद दमकलकर्मियों को दुकानों की छतों से पाइप बिछाकर किसी तरह पानी पहुंचाना पड़ा। फायर एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि ये 20 फायर बाइक अपने मूल स्वरूप में तैनात होतीं, तो कटला की गलियों में तुरंत पहुंचकर शुरुआती स्तर पर ही आग को विकराल होने से रोका जा सकता था।

बिल्डिंग मालिक फरार, आनंद सेठी को दूसरा नोटिस जारी

पुरोहित जी का कटला में भीषण अग्निकांड के बाद बिल्डिंग मालिक आनंद सेठी लगातार दूसरे दिन भी पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। पुलिस ने शनिवार को उन्हें पूछताछ के लिए दूसरा नोटिस जारी किया है। आग लगने के कुछ देर बाद ही आरोपी अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर घर से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। शनिवार को पुलिस ने पीड़ित व्यापारियों को थाने बुलाकर बयान दर्ज किए। मामले में यह जांच की जा रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे।

दो दर्जन दुकानें जलकर राख

गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते दो दर्जन से अधिक दुकानों को चपेट में ले लिया, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। इस हादसे के बाद जागा प्रशासन अब परकोटे के पुराने व व्यावसायिक भवनों का सर्वे कर रहा है। भवनों में फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच शुरू कर दी गई है।

7.5 लाख की एक बाइक, 40 लीटर पानी की टंकी और वॉटर मिस्ट सिस्टम गायब

निगम ने प्रति बाइक 7.5 लाख रुपए खर्च कर 40 लीटर पानी की क्षमता वाली विशेष टंकी और हाई-प्रेशर वॉटर मिस्ट सिस्टम से लैस बाइक खरीदी थीं। शहर के 12 फायर स्टेशनों को ये बाइक इसलिए दी गई थीं ताकि संकरी गलियों में आग लगते ही शुरुआती मिनटों में पानी की बौछार कर उस पर काबू पाया जा सके। लेकिन बाइकों से टंकियां हटा दी गईं और अब इनका उपयोग अफसरों के आने-जाने, फायर एनओसी की जांच करने और निगम मुख्यालय तक डाक पहुंचाने में किया जा रहा है।

अगर फायर स्टेशनों पर इन बाइक को दूसरे कामों में लिया जा रहा है, तो इसकी जांच करवाई जाएगी। फायर बाइक आपातकालीन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, हालांकि इनसे पहली मंजिल तक ही आग बुझाई जा सकती है।
-दुर्गा कुमारी, उपायुक्त (फायर शाखा), नगर निगम

15 दिन में शुरू किए जाएं बंद हाईड्रेट, स्वायत्त शासन सचिव का कटले में निरीक्षण

पुरोहित जी का कटला में लगी आग के बाद शनिवार शाम 5 बजे स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन कटला पहुंचे। उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक निरीक्षण किया और भविष्य में इस तरह की आगजनी की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए अधिकारियों को एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निगम और स्मार्ट सिटी के अफसरों को निर्देश दिए कि आगामी 15 दिन में बंद पड़े सभी 14 हाईड्रेट चालू किए जाएं और हाईडेंट में हो रहे लीकेज को दुरुस्त किया जाए। कटले के बरामदों और दुकानों के सामने तारों के गुच्छों व लटकते तारों को डिस्कॉम इंजीनियरों से तालमेल कर हटाने के निर्देश भी दिए।

जैन ने बताया कि सभी 14 हाईड्रेट के लिए घाटगेट स्टेशन से किसी भी स्थिति में पानी की व्यवस्था की जाए। पूरे क्षेत्र में फायर एनओसी की जांच के लिए चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों के पास फायर एनओसी नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। रास्तों में आ रहे अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश देते हुए जैन ने कहा कि अतिक्रमण हटने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति की जाए।

Updated on:
20 Sept 2026 08:10 am
Published on:
20 Sept 2026 08:10 am