
जयपुर नगर निगम ने सार्वजनिक जगहों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम को शिकायत मिली थी कि 200 फीट बाईपास स्थित नंद विहारी कॉलोनी के गेट नंबर-1 के पास सड़क पर बड़ी मात्रा में कचरा पड़ा है। शिकायत मिलते ही अधिकारियों ने मौके की जांच करवाई। जांच में एक कंपनी जिम्मेदार पाई गई, जिसके बाद उस पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया और मौके पर ही यह राशि वसूल कर ली गई।
वैशाली नगर जोन के उपायुक्त पवन कुमार शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक समीर सक्सेना की अगुवाई में टीम बनाई गई। वार्ड 29 और 30 के स्वास्थ्य निरीक्षकों ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पता चला कि सड़क पर पड़ा कचरा वेल ट्रेड कंपनी की ओर से डाला गया था। इसके बाद निगम की टीम कंपनी के पांच्यावाला स्थित कार्यालय पहुंची और कंपनी प्रतिनिधियों से पूछताछ की।
नगर निगम ने कंपनी पर स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने के मामले में 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने कंपनी को साफ चेतावनी दी कि आगे से सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं डाला जाए। साथ ही स्वच्छता नियमों का पालन करने और ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं दोहराने के निर्देश भी दिए गए। निगम का कहना है कि शहर को साफ रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
उपायुक्त पवन कुमार शर्मा ने लोगों और कारोबारियों से कहा कि कचरा हमेशा तय जगह पर ही डालें। उन्होंने कहा कि शहर को साफ रखना सिर्फ नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, इसमें हर व्यक्ति का सहयोग भी जरूरी है। अगर सभी लोग स्वच्छता के नियमों का पालन करेंगे और सड़क या सार्वजनिक जगहों पर कचरा नहीं फेंकेंगे, तभी स्वच्छ जयपुर अभियान सफल हो पाएगा।
नगर निगम ने अलग-अलग तरह के स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की राशि भी तय कर रखी है। औद्योगिक इकाइयों द्वारा सड़क पर कचरा डालने पर 5 हजार रुपए, निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर 3 हजार रुपए, दुकानों पर 1 हजार रुपए और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों पर 2 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, घरों से सड़क या गली में कचरा फेंकने और ठेलों से गंदगी फैलाने पर 100 रुपए, सार्वजनिक जगह पर थूकने या खुले में पेशाब करने पर 200 रुपए और सामान्य कचरा जलाने पर 500 रुपए का जुर्माना निर्धारित है।