
जयपुर में बुधवार का दिन विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों के नाम रहा। एक तरफ जहां राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के प्रदर्शनों से शहर के विभिन्न हिस्सों में हलचल बनी रही, वहीं दूसरी तरफ जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में अधिवक्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। सांगानेर बार एसोसिएशन के आह्वान पर सैकड़ों वकीलों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार नारेबाजी की और सांगानेर स्थित हल्दीघाटी गेट मुख्य मार्ग पर धरना देकर रास्ता पूरी तरह से जाम कर दिया। अचानक हुए इस रोड ब्लॉक के कारण हल्दीघाटी मार्ग और आसपास की सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता और वाहन चालकों को भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ा।
अधिवक्ताओं ने अपनी 3 सूत्री मांगों को लेकर सांगानेर उपखंड अधिकारी (SDM/SDO) कोर्ट का पूर्ण बहिष्कार किया है और मांगे न पूरी होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
बुधवार सुबह सांगानेर बार एसोसिएशन से जुड़े वकील सांगानेर न्यायालय परिसर में एकत्र हुए और वहां से जुलूस के रूप में हल्दीघाटी गेट पहुंचे। वकीलों ने हल्दीघाटी मार्ग पर बीच सड़क बैठकर धरना दिया और राज्य सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अचानक रास्ता रोके जाने से एयरपोर्ट रोड, प्रताप नगर और मालवीय नगर की ओर आने-जाने वाले वाहन चालक जाम में फंस गए। मौके पर पहुंची सांगानेर थाना पुलिस ने वकीलों से समझाइश कर कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को डायवर्ट करवाया।
सांगानेर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष टीकम चंद शर्मा और महासचिव अशोक पारीक ने बताया कि यह विरोध-प्रदर्शन पूर्व निर्धारित रणनीति का हिस्सा है। बीते शुक्रवार को आयोजित सांगानेर बार एसोसिएशन की साधारण सभा में सर्वसम्मति से इस आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन का निर्णय लिया गया था।
कोर्ट भवन निर्माण का बजट: वकीलों की पहली और मुख्य मांग सांगानेर न्यायालय के लिए आवंटित भूमि पर नए भवन निर्माण हेतु तुरंत बजट स्वीकृत करने की है।
तहसील भवन निर्माण: सांगानेर तहसील भवन के नए निर्माण कार्य को शीघ्र अति शीघ्र शुरू कराया जाए।
SDO सुनवाई और क्षेत्राधिकार: सांगानेर SDO कोर्ट की सुनवाई सप्ताह में 5 दिन सांगानेर मुख्यालय पर ही हो, तथा सांगानेर SDO की अपील पर सुनवाई का क्षेत्राधिकार सेटलमेंट ऑफिसर (Settlement Officer) से एडीसी (ADC) को ट्रांसफर करने के आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए।
अधिवक्ताओं के इस कड़े रुख के कारण सांगानेर कोर्ट में न्यायिक कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे दूर-दराज से आए परिवादियों को बिना सुनवाई के वापस लौटना पड़ा। वकीलों ने एक राय होकर सांगानेर एसडीओ न्यायालय का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है।
31 जुलाई और 1 अगस्त को हड़ताल: बार एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि आगामी 31 जुलाई और 1 अगस्त को सांगानेर के सिविल न्यायालय में भी पूर्ण कार्य बहिष्कार (Strike) रखा जाएगा।
सांगानेर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन और शासन ने उनकी 3 सूत्री मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
वकीलों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक यह हड़ताल अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगी। वकीलों के इस रुख से आने वाले दिनों में आम जनता और पक्षकारों की परेशानियां और अधिक बढ़ सकती हैं।