जयपुर

Jaipur News: प्रिंस सोनी के न्याय के लिए निकाला कैंडल मार्च, मां बोली- बस जानना है बेटे की मौत का सच, संघ ने चेताया

Jaipur News : जयपुर के झोटवाड़ा में छात्र प्रिंस सोनी की मृत्यु मामले में न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। इस मौके पर मां बोली- मौत का सच सामने आना चाहिए। उधर संघ ने चेताया है।
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Jaipur News : जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल का मृतक छात्र प्रिंस सोनी। फाइल फोटो पत्रिका

Jaipur News : जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में छात्र प्रिंस सोनी की मृत्यु के मामले में न्याय की मांग को लेकर शुक्रवार शाम चांदोलिया गार्डन से महाराणा प्रताप स्कूल तक कैंडल मार्च निकाला गया। पीड़ित परिजनों और संयुक्त अभिभावक संघ के आह्वान पर हुए मार्च में स्कूल के विद्यार्थियों, अभिभावकों, परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी ने प्रिंस को न्याय दिलाने और स्कूल प्रशासन की कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच के साथ जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रिंस सोनी की मौत का मामला पोस्टमार्टम के बाद भी रहस्य बना हुआ है। पुलिस अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। अब मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। एसीपी (झोटवाड़ा) शिव कुमार भारद्वाज ने बताया कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने पर चिकित्सकों ने नमूने जांच के लिए एफएसएल भेजे हैं।

सड़क मार्च से पहले चांदोलिया गार्डन में प्रिंस की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा हुई। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि यदि जांच में स्कूल प्रशासन की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी तीन दिनों में स्कूल प्रशासन पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो संघ की ओर से विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।

परिवार को किसी से बदला नहीं, केवल बेटे के लिए चाहिए न्याय : पिता अमित सोनी

प्रिंस की मां निर्मला देवी ने कहा कि बच्चा अब उनके बीच नहीं है, लेकिन परिवार चाहता है कि उसकी मौत का सच सामने आए और दोषियों को न्याय के दायरे में लाया जाए। पिता अमित सोनी ने कहा कि परिवार को किसी से बदला नहीं, केवल बेटे के लिए न्याय चाहिए। जिम्मेदारों के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई हो। संघ ने कहा कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। कैंडल मार्च के दौरान महाराणा प्रताप स्कूल के बाहर मौजूद पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

जांच सौंपी झोटवाड़ा सीबीईओ को

शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को झोटवाड़ा सीबीईओ को जांच की जिम्मेदारी दी है। वे टीम के साथ स्कूल का दौरा करेंगे। साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। इससे पहले झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में भी प्रिंस के परिजनों और लोगों ने पहुंचकर विरोध किया। स्वर्णकार समाज की ओर से भी झोटवाड़ा में जस्टिस फॉर प्रिंस के मामले में कैंडल मार्च निकालकर विरोध कर जल्द से जल्द न्याय करने और कार्रवाई की मांग की।

मृतक छात्र की मां ने सुनाई दर्दनाक कहानी

जयपुर के झोटवाड़ा में स्कूली छात्र की मौत के मामले में, मृतक छात्र की मां निर्मला सोनी कहती हैं, मेरे पति को इस बारे में जानकारी मिली थी। उन्हें सुबह 11.14 बजे एक फ़ोन कॉल आया जिसमें कहा गया कि वे आकर बच्चे को ले जाएं क्योंकि वह बीमार था। मेरे पति ने कहा कि वे उसे लेने के लिए किसी को भेजेंगे। बाद में टीचर ने हमें बताया कि मेरा बच्चा असल में सुबह 11.05 बजे ही बेहोश हो गया था। मैं घबराहट में अपने बच्चे के पास पहुंची। मुझे लगा कि यह बस कोई मामूली बीमारी होगी। जब मैं स्कूल के ऑफ़िस में गई, तो मैंने देखा कि वहां सात-आठ टीचर मौजूद थे। मैं जल्दी से अपने बच्चे के पास गई। उसके हाथ ठंडे पड़ गए थे। उसकी जीभ बाहर निकली हुई थी और नीली पड़ गई थी, उसकी आंखें और चेहरा नीला पड़ गया था, और उसका पूरा शरीर ठंडा हो गया था। हम उसे इलाज के लिए तुरंत ले गए।

मां निर्मला सोनी कहती हैं, डॉक्टर ने पुष्टि की कि मेरे बच्चे की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि अगर हम 30 मिनट पहले पहुंच जाते तो वह बच सकता था। उन्होंने बहुत देर कर दी थी। स्कूल वाले मेरे बच्चे को बचा सकते थे, लेकिन जब वह मर रहा था तो वे बस खड़े देखते रहे। अगर उनकी लापरवाही न होती तो आज मेरा बच्चा मेरे साथ होता। उनकी वजह से मेरा बच्चा चला गया, क्योंकि उन्होंने समय पर इलाज नहीं दिया। मुझे न्याय चाहिए। मैं नहीं चाहती कि किसी और मां। का बेटा वैसी हालत में पहुंचे जैसा मेरा बच्चा पहुंचा था। मैं चाहती हूं कि स्कूल को पूरी तरह से बंद कर दिया जाए, उसे तोड़ दिया जाए और ज़मीनदोज कर दिया जाए और मैं चाहती हूँ कि उनके खिलाफ सख़्त कार्रवाई हो।

मेरा बेटा तीसरा था, मैं नहीं चाहता कि कोई चौथा बच्चा शिकार बने : पिता अमित सोनी

जयपुर के झोटवाड़ा में स्कूल के छात्र की मौत के मामले में, मृतक छात्र के पिता अमित सोनी कहते हैं, कल सुबह स्कूल में मेरा बच्चा बीमार पड़ गया। सुबह 11.03 बजे वह बेहोश हो गया। स्कूल से पहली कॉल सुबह 11.14 बजे आई। मुझे दूसरी कॉल आई, फिर 2-3 मिनट के अंदर तीसरी और चौथी कॉल भी आई। मैंने कॉल उठाई, तो उन्होंने मुझे कार लेकर आने को कहा, तभी मुझे खतरे का अहसास हुआ। मुझे लगा कि कुछ बहुत बुरा हुआ है। हम अंदर गए, तो एक टीचर हमें स्कूल परिसर के पिछले हिस्से में ले गए। वहां उसके आस-पास टीचर और स्टाफ मौजूद थे।

मृतक छात्र के पिता अमित सोनी ने बताया कि मेरे बच्चे का रंग बदल गया था। उसका शरीर ठंडा पड़ गया था और उसकी सांसें रुक चुकी थीं। उसे वहां से अस्पताल ले जाने में उन्होंने लगभग 40-45 मिनट बर्बाद कर दिए। हम उसे अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने 45 मिनट तक कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मेरे बेटे से पहले, इसी स्कूल में दो और बच्चों के साथ ऐसा ही हुआ था। मेरा बेटा तीसरा था। मैं नहीं चाहता कि कोई चौथा बच्चा भी ऐसा ही शिकार बने।

एक समिति बनाई गई - शिक्षा विभाग की समिति की सदस्य

झोटवाड़ा में स्कूली छात्र की मौत के मामले पर शिक्षा विभाग की समिति की सदस्य डॉ. भावना कहती हैं, एक समिति बनाई गई है। हमें सभी बयान दर्ज करने और रिपोर्ट सौंपने के लिए यहां भेजा गया है। हालात को देखते हुए निश्चित रूप से ऐसा लगता है कि प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती गई है। बच्चे को तुरंत ले जाया जाना चाहिए था। प्राथमिकता यह है कि जब भी किसी बच्चे की हालत ऐसी हो, तो उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। हर स्कूल को इस मामले में सतर्क रहने की ज़रूरत है। स्कूल के संबंध में हम रिपोर्ट सौंपेंगे, और फिर विभाग के उच्च अधिकारी आगे की कार्रवाई तय करेंगे।

Updated on:
14 Aug 2026 10:35 pm
Published on:
14 Aug 2026 10:15 pm