जयपुर

Jaipur News: संपत्ति विवाद के चलते बच्चे रह रहे दूर, तीन दिन तक फ्लैट में सड़ता रहा रिटायर्ड प्रिंसिपल का शव

Jaipur News: जयपुर के त्रिवेणी नगर में 90 साल के रिटायर्ड प्रिंसिपल की फ्लैट में अकेले मौत हो गई। तीन दिन बाद बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दरवाजा तोड़कर शव बरामद किया गया।
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Jul 23, 2026
Retired Principal Death Jaipur
जयपुर के त्रिवेणी नगर में 90 साल के रिटायर्ड प्रिंसिपल की मौत

Retired Principal Death Jaipur: जयपुर के त्रिवेणी नगर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया। 90 साल के रिटायर्ड प्रिंसिपल हरिश्चंद्र की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार वह अपने फ्लैट में अकेले रहते थे। उनकी मौत के तीन दिन बाद तक किसी को भनक तक नहीं लगी कि उनकी मौत हो गई है। जब उनके फ्लैट से लगातार तेज बदबू आने लगी तो पड़ोसियों को कुछ गड़बड़ होने का अहसास हुआ। इसके बाद उन लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब फ्लैट का दरवाजा खोला तो अंदर का मंजर देखकर हर कोई हैरान रह गया।

कई दिनों से नहीं दिखे तो हुआ शक

बताया जा रहा है कि हरिश्चंद्र जयपुर के त्रिवेणी नगर में बालाजी रेजिडेंसी के फ्लैट नंबर-201 में रहते थे। आसपास के लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वे कहीं नजर नहीं आए थे। शुरुआत में किसी ने इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन बदबू बढ़ने के बाद पांचवीं मंजिल पर रहने वाली सोशल प्रोटेक्शन एंड वेलफेयर काउंसिल की स्टेट प्रेसिडेंट हिरल राठौड़ को शक हुआ। उन्होंने बिना देर किए शिप्रा पथ थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।

बाथरूम के पास मिला शव

पुलिस ने दरवाजा तोड़कर फ्लैट के अंदर प्रवेश किया। वहां बाथरूम के पास हरिश्चंद्र का शव पड़ा मिला। शुरुआती जांच में पता चला कि उनकी मौत करीब तीन दिन पहले हो चुकी थी। शव काफी खराब अवस्था में था। पुलिस को उनके सिर पर चोट के निशान भी मिले हैं। माना जा रहा है कि गिरने से उन्हें गंभीर चोट लगी होगी, लेकिन मौत की असली वजह अभी साफ नहीं है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

परिवार से दूरी की भी आई बात सामने

पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही उनके बेटे और दोनों बेटियों को सूचना दी। जांच में पता चला कि बेटा जयपुर में रहता है। वहीं दोनों बेटियां दिल्ली और बेंगलुरु में रहती हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि परिवार के बीच लंबे समय से दूरी थी। संपत्ति को लेकर विवाद की बात भी चर्चा में आई है। बेटे समीर ने पुलिस को बताया कि कुछ पर्सनल कारणों की वजह से परिवार अलग-अलग रह रहा था और कई दिनों से उनकी पिता से मुलाकात नहीं हुई थी। सूचना मिलने के बाद सभी परिजन जयपुर पहुंचे और अंतिम संस्कार किया गया।

पड़ोसियों का क्या है कहना?

इस घटना के बाद पूरी सोसायटी में मायूसी छाई हुई है। पड़ोसियों का कहना है कि अगर समय रहते किसी ने हरिश्चंद्र का हालचाल पूछ लिया होता, तो शायद स्थिति कुछ और होती। फ्लैट से आ रही बदबू के कारण आसपास रहने वाले कुछ लोगों को अपने घर भी कुछ समय के लिए खाली करने पड़े। शिप्रा पथ थाना के जांच अधिकारी गुमान सिंह गुर्जर ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

Updated on:
23 Jul 2026 12:34 pm
Published on:
23 Jul 2026 12:28 pm