त्योहारी सीजन में शहर में भूमाफिया सक्रिय है। इस वक्त को वे अपने फायदे का मौसम मान बैठे हैं। सबसे बुरा हाल आगरा रोड का है। यहां न सिर्फ इकोलॉजिकल जोन में अवैध कॉलोनी सृजित हो रही है, बल्कि सरकारी जमीन को भी नहीं छोड़ रहे है।
जयपुर.त्योहारी सीजन में शहर में भूमाफिया सक्रिय है। इस वक्त को वे अपने फायदे का मौसम मान बैठे हैं। सबसे बुरा हाल आगरा रोड का है। यहां न सिर्फ इकोलॉजिकल जोन में अवैध कॉलोनी सृजित हो रही है, बल्कि सरकारी जमीन को भी नहीं छोड़ रहे है। इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधि तक की लिप्तता होने की बात सामने आई है जिसके कारण जेडीए कार्रवाई करने नहीं पहुंच पा रहा है। प्रवर्तन शाखा के मुख्य नियंत्रक भरत सिंह राठौड़ ने बताया कि जो शिकायतें आती है, उन पर कार्रवाई करते हैं। यदि कॉलोनियां सृजित हो रही हैं तो उनको ध्वस्त किया जाएगा।
आगरा रोड सुमेल में राधा बल्लभ नगर योजना विकसित की जा रही है। जिन खसरों पर उन्हें विकसित किया जा रहा है, वे सरकारी हैं और उनकी किस्म रास्ता, तलाई से लेकर चरागाह और पहाड़ की है। स्थानीय लोग जेडीए में कई बार शिकायत कर चुके, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां लोगों को वर्ष 1987 के पट्टे दिए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ महीनों में ही यहां पर कई जगह टीनशेड, दीवारें और पक्के निर्माण दिखने लगे हैं। जेडीए में शिकायत की टीम एक बार भी नहीं आई।
सुमेल में शिव वाटिका-द्वितीय, बगराना में शिव विहार नाम से अवैध कॉलोनी सृजित की जा रही है।
विजयपुरा में मां वैष्णो धाम, बगराना में बगराना मार्केट, पुरानी चुंगी पर नीलकंठ नाम से अवैध कॉलोनी विकसित हो रही है।
आगरा रोड पर अवैध कॉलोनी सृजित की जा रही हैं, लोग भूखंड खरीद मकान बना रहे हैं। भविष्य में जब जेडीए यहां प्लान बनाएगा तो ग्राहकों के सामने मुसीबत हो जाएगी। क्योंकि इन्हें ये नहीं पता कि जिस जमीन पर वे मकान बनाकर रह रहे हैं वह कृषि भूमि है या फिर सरकारी।