Jaipur AI Traffic : खुशखबर। जयपुर में आम जनता को अब ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। जयपुर पुलिस आयुक्तालय शहर के कुछ प्रमुख चौराहों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संचालित ट्रैफिक सिग्नल लगाने जा रहा है। जानें इससे क्या फायदे होंगे।
Jaipur AI Traffic : खुशखबर। जयपुर पुलिस आयुक्तालय शहर के कुछ प्रमुख चौराहों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संचालित ट्रैफिक सिग्नल लगाने जा रहा है। यह कदम प्रस्तावित एआई-नियंत्रित ट्रैफिक कमांड सेंटर के हिस्से के रूप में उठाया जा रहा है। जयपुर विकास प्राधिकरण पारंपरिक ट्रैफिक सिग्नल लगाने की नोडल एजेंसी है, यह शहर यातायात पुलिस से परामर्श लेकर काम करती है। लेकिन इन नए AI-सक्षम सिग्नलों की स्थापना यातायात विंग स्वतंत्र रूप से करेगी। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य भविष्य में प्रस्तावित हाई-टेक इंटीग्रेटेड ट्रैफिक कमांड सेंटर के साथ इन सिग्नलों को पूरी तरह से सिंक्रोनाइज करना है।
एक वरिष्ठ यातायात अधिकारी ने बताया कि नए सिग्नल उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरों के नेटवर्क से जुड़े होंगे। ये कैमरे हर चौराहे पर आने वाली सभी सड़कों पर वाहनों की घनत्व (डेंसिटी) का आकलन करेंगे और ट्रैफिक की मात्रा के अनुसार हरी और लाल बत्ती का समय स्वचालित रूप से तय करेंगे। इस प्रणाली से जाम वाली लेन तेजी से साफ हो सकेगी, जबकि कम व्यस्त रूट पर अनावश्यक प्रतीक्षा समय कम हो जाएगा।
अधिकारी ने कहा कि यातायात अनुकूलन के अलावा, यह तकनीक सड़क सुरक्षा प्रवर्तन को भी मजबूत करेगी। सिस्टम हेलमेट न पहनने या सीट बेल्ट न लगाने जैसी उल्लंघनों की पहचान कर सकेगा और स्वचालित रूप से जुर्माना प्रोसेसिंग कर सकेगा।
अभी उदयपुर के फतेहपुरा सर्कल पर एक ऐसा AI-सक्षम ट्रैफिक सिग्नल लगाया जा चुका है। अधिकारियों ने पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों की समीक्षा की है और इसे सफल मानते हुए राजस्थान के अन्य हिस्सों में विस्तार करने पर विचार कर रहे हैं। यह आधुनिक यातायात बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की व्यापक पहल का हिस्सा है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया, प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह तकनीक सफल साबित हो रही है। JDA की पिछली ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी, जहां यह फैसला लिया गया कि जयपुर आयुक्तालय स्वयं इस तकनीक को लगाएगा। यातायात विंग की एक टीम इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।
1- पारंपरिक सिग्नल फिक्स्ड टाइमर पर चलते हैं, जबकि यह तकनीक लगातार यातायात स्थिति का विश्लेषण कर रीयल-टाइम में सिग्नल चरणों को समायोजित करती है।
2- उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरों के माध्यम से हर अप्रोच रोड पर वाहनों की घनत्व की निगरानी करता है और ट्रैफिक वॉल्यूम के आधार पर हरी/लाल बत्ती का समय स्वचालित रूप से तय करता है।
3- जाम वाली लेन को तेजी से क्लियर करने की सुविधा।
4- हेलमेट न पहनने, सीट बेल्ट न लगाने जैसे उल्लंघनों की पहचान कर स्वचालित जुर्माना प्रोसेसिंग। यह व्यवस्था व्यस्त चौराहों पर यातायात प्रवाह को बेहतर बनाएगी और रीयल-टाइम में उल्लंघनों का पता लगाकर प्रवर्तन को मजबूत करेगी।