जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में प्रदेश का पहला समर्पित कार्डियक सेंटर इसी महीने शुरू होगा। इससे हार्ट अटैक मरीजों के इलाज का रेस्पॉन्स टाइम 30-60 मिनट घटेगा और इमरजेंसी से सीधे कैथ लैब व आईसीयू में तुरंत उपचार मिल सकेगा।
जयपुर: हार्ट अटैक के मरीजों के इलाज में समय सबसे बड़ा जीवन रक्षक होता है। इस अहम जरूरत को ध्यान में रखते हुए सवाई मान सिंह अस्पताल में प्रदेश का पहला समर्पित कार्डियक सेंटर इसी महीने शुरू होने जा रहा है।
बता दें कि इसके शुरू होने से हार्ट अटैक के मरीजों के उपचार में रेस्पॉन्स टाइम करीब 30 मिनट से एक घंटे तक कम हो जाएगा, जिससे कई मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। अभी तक एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी में हार्ट अटैक के मरीज आने के बाद उन्हें उपचार के लिए बांगड़ कार्डियोलॉजी अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ता है।
इस प्रक्रिया में मरीज को इमरजेंसी से एम्बुलेंस या स्ट्रेचर के जरिए ले जाने, औपचारिकताएं पूरी करने और डॉक्टरों की टीम तक पहुंचने में करीब आधे घंटे से एक घंटे तक का समय लग जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक के मामले में हर मिनट की देरी मरीज के लिए जोखिम बढ़ाती है। इसी समस्या के समाधान के लिए एसएमएस परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस कार्डियक सेंटर तैयार किया गया है।
यहां कैथ लैब, आईसीयू, मॉनिटरिंग सिस्टम, आपातकालीन कार्डियक उपचार और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी। इससे मरीज को इमरजेंसी से सीधे कार्डियक सेंटर में पहुंचाकर तुरंत इलाज शुरू किया जा सकेगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार सेंटर के लिए आवश्यक उपकरणों की स्थापना लगभग पूरी हो चुकी है और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ सहित आवश्यक मैनपावर का भी आवंटन किया जा रहा है। तकनीकी परीक्षण और अंतिम तैयारियां पूरी होते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
कार्डियोलॉजिस्ट बताते हैं कि हार्ट अटैक के बाद पहले ‘गोल्डन ऑवर’ यानी शुरुआती एक घंटे में उपचार शुरू होना सबसे महत्वपूर्ण होता है। समय पर एंजियोप्लास्टी या अन्य हस्तक्षेप होने पर मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में अस्पताल परिसर में ही सभी सुविधाएं उपलब्ध होने से उपचार की गति तेज होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। तनाव, अनियमित जीवनशैली, धूम्रपान और हाई ब्लड प्रेशर इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में अत्याधुनिक कार्डियक सेंटर की शुरुआत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
नया सेंटर शुरू होने के बाद एसएमएस अस्पताल में आने वाले हजारों हृदय रोगियों को तेज और बेहतर उपचार मिल सकेगा। सेंटरी पूरी तरह तैयार है। मार्च महीने के अंत तक या अप्रैल के पहले सप्ताह में इसे शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य एवं नियंत्रक, एसएमएस मेडिकल कॉलेज