SMS Hospital Trauma Centre ICU Fire : सवाईमानसिंह अस्पताल जयपुर के ट्रोमा सेंटर में आग लगने के समय मरीज और परिजनों के अलावा करीब 100 चिकित्सा कर्मी व तकनीकी टीम का स्टाफ भी मौजूद थे। ट्रोमा सेंटर के एकमात्र इमरजेंसी के गेट के कारण मरीज व उनके परिजनों को निकलने में भी परेशानी हुई। मुख्य गेट पर लंबे समय से ताला लगा हुआ था। इनमें कई मरीजों और स्टाफ ने मौके पर पहुंचे पत्रिका संवाददाताओं को आंखों देखी बताई।
चाकसू निवासी राजेश को सिर में चोट लगने पर शुक्रवार को भर्ती करवाया गया था। राजेश ने बताया कि रविवार रात को जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज आई। एकाएक वार्ड में धुआं फैलने लगा। नजारा भांपते ही जैसे उनके गले का पानी सूख गया। तभी अस्पताल के कर्मचारी, सिविल डिफेंस व पुलिस पहुंची। सभी मरीजों के परिजन को बाहर निकलने में जुट गए। कुछ परिजन ने मरीज को साथ बाहर निकालने की बात कही, लेकिन उन्होंने परिजन को बाहर निकाल दिया। राजेश ने बताया कि बाद में सिविल डिफेंस की टीम उसे भी बाहर लेकर आई। हीरापुरा पावर हाउस निवासी मरीज कजोड़ ने कहा कि उसको भी सिविल डिफेंस की टीम अस्पताल से बाहर लेकर आई।
बासबदनपुरा स्थित इमाम चौक निवासी नेहा ने बताया कि रविवार रात को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उसे ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी में लाया गया। उसके पैर में फ्रैक्चर था। आग लगने पर इलाज करने के बजाय उसे बाहर निकाल दिया गया। हालांकि देर रात करीब डेढ़ बजे उसे इलाज के लिए अस्पताल में लिया गया।
अस्पताल में फायर सिस्टम लगा था। घटना के समय कर्मचारियों ने फायर सिस्टम से पानी फेंकने का प्रयास किया। अस्पताल के बगल वाली बिल्डिंग का फायर सिस्टम भी काम में लिया गया। आइसीयू में जाने का एक ही रास्ता था। इसके चलते कर्मचारी आग लगने वाले स्थान तक नहीं पहुंच सके और आग भयावह हो गई।
मौके पर पहुंचे पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने कहा कि अस्पताल परिसर में देर रात तक सर्च जारी रही। एहतियातन अस्पताल परिसर में तस्दीक की जा रही है कि कोई अंदर फंसा तो नहीं रह गया। हालांकि रात 2 बजे तक कोई नहीं मिला। अभी सर्च ऑपरेशन जारी है। इस दौरान कुछ विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे।
सिविल डिफेंस के असरार अहमद ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर के सेकंड फ्लोर पर आइसीयू में आग लगी थी जब वह पहुंचे तो वहां धुआं-धुआं हो रहा था। उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास किया तो उनका भी दम घुटने लग गया किसी तरह उन्होंने आग बुझाई और बाहर निकाल कर आए।