
Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने खाटूश्यामजी नगर पालिका चेयरमैन चुनाव मामले में पार्षद लक्ष्मी कुमारी और राज्य चुनाव आयोग की ओर से दायर दोनों विशेष अपीलों को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायधीश समीर जैन की खंडपीठ ने कहा कि एकलपीठ के 24 सितंबर के उस फैसले में किसी भी प्रकार की चिकित्सीय या प्रक्रियात्मक त्रुटि नहीं पाई गई है, जिसमें 21 सितंबर को निर्धारित समयावधि में डाले गए 19 मतों की गिनती कर परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने यह भी माना कि संविधान में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद कानूनी विवाद के लिए चुनाव याचिका का वैधानिक प्रावधान मौजूद है।
खाटूश्यामजी नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को मतदान प्रक्रिया चल रही थी, जिसमें 20 में से 19 पार्षदों ने अपने मत डाल दिए थे। इसी दौरान एक पार्षद के कथित अपहरण और हंगामे के बाद चुनाव प्रक्रिया रुक गई थी। इसके बाद राज्य चुनाव आयोग ने 22 सितंबर को आदेश जारी कर 25 सितंबर को दोबारा मतदान कराने का निर्देश दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए पार्षद विनीता पूनिया ने एकलपीठ में याचिका दायर की थी। एकलपीठ ने 24 सितंबर को अपने आदेश में 25 सितंबर के नए मतदान पर रोक लगाते हुए 21 सितंबर को पड़े 19 मतों की गिनती कर 24 घंटे के भीतर परिणाम जारी करने के आदेश दिए थे।
हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार जब मतों की गिनती की गई, तो कांग्रेस प्रत्याशी विनीता पूनिया को 10 और भाजपा प्रत्याशी प्रेम देवी को 9 वोट मिले, जिसके बाद विनीता पूनिया को एक वोट से विजयी घोषित किया गया और 26 सितंबर 2026 को निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
खाटूश्यामजी नगर पालिका में कुल 20 वार्ड हैं। इनमें भाजपा के 8, कांग्रेस के 8, तीन निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद हैं। ऐसे में किसी भी प्रमुख पद के लिए 11 का आंकड़ा बहुमत के लिए जरूरी था। अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान 20 सदस्यीय बोर्ड में से 19 पार्षदों ने मतदान किया था। वार्ड 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी मतदान नहीं कर सकी थीं। इसी वजह से चुनाव परिणाम अटक गया था। बाद में राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद पहले से डाले गए 19 मतों की गिनती कर परिणाम घोषित किया गया। अध्यक्ष पद पर कांग्रेस की विनीता पूनिया की जीत हुई।