जयपुर

Rajasthan Politics : ‘मंत्री किरोड़ी लाल मीणा धमकी दे रहे हैं…’, गोविंद सिंह डोटासरा ने आखिर ऐसा क्यों कहा?

राजस्थान में खाद-बीज रिश्वत कांड पर सियासी घमासान तेज। गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर साधा निशाना, मंत्री किरोड़ी का एसीबी पर 'लक्ष्मण रेखा' पार करने का पलटवार।

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Jun 20, 2026
Kirodi Lal Meena Govind Singh Dotasra Bribe Case Conflict Rajasthan Politics
Kirodi Lal Meena and Govind Singh Dotasra - File PIC

राजस्थान का बहुचर्चित 'खाद-बीज रिश्वत कांड' अब हाई-प्रोफाइल सियासी दंगल में तब्दील हो चुका है। भजनलाल सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच जारी जुबानी जंग अब अपने चरम पर पहुंच गई है। इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एक कार्रवाई में कृषि मंत्री के कुछ कथित करीबियों के पास से करोड़ों रुपए की नकदी बरामद होने की खबरें सामने आईं। इसके बाद से ही कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार आक्रामक है और सीधे कृषि मंत्री के इस्तीफे व जांच की मांग कर रही है।

मुख्यमंत्री को धमकी दे रहे किरोड़ी : डोटासरा

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पूरे मामले को लेकर अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल से एक बेहद तीखा और विस्तृत पोस्ट साझा किया है। इस पोस्ट के जरिए डोटासरा ने सीधे तौर पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की नीयत और उनके बयानों को कटघरे में खड़ा किया है।

गोविंद सिंह डोटासरा ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "राजस्थान में करोड़ों के खाद-बीज रिश्वत कांड में कृषि मंत्री के करीबी करोड़ों रुपए के साथ पकड़े गए। अब गिरफ्तारी की आंच अपने दरवाजे तक पहुंचती देख कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल जी मुख्यमंत्री को ही 'लक्ष्मण रेखा' यानी अपनी हद में रहने की धमकी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के अधीन काम करने वाली एजेंसी एसीबी (ACB) को 'पॉलिटिकल वेपन' बताकर खुद को फंसाने की साजिश का आरोप लगा रहे हैं।"

डोटासरा ने आगे सवाल उठाते हुए लिखा कि आखिर कृषि मंत्री किस डर से इतना तिलमिला रहे हैं? जो नेता कल तक दूसरों पर कीचड़ उछालते थे, आज अपनी बारी आने पर वे खुद व्यवस्था, जांच एजेंसियों और सूबे के मुख्यमंत्री तक को कटघरे में खड़ा करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।

'अगर ACB निष्पक्ष है, तो भ्रष्टाचारियों को जेल में डालिए'

अपने हमले को केवल कृषि मंत्री तक सीमित न रखते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने इस विवाद में सीधे राजस्थान के मुख्यमंत्री को भी शामिल कर लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की जनता अब इस पूरे मामले में किसी भी प्रकार का पर्दाफाश चाहती है, न कि कोई राजनीतिक तमाशा।

डोटासरा ने मुख्यमंत्री से सीधे पूछा, ''क्या आपकी सरकार का कैबिनेट मंत्री वास्तव में भ्रष्टाचार के इस गंभीर जाल में फंसा हुआ है? अगर आपकी खुद की एजेंसी एसीबी (ACB) वास्तव में एक राजनीतिक हथियार की तरह काम कर रही है, तो इसका जवाब मुख्यमंत्री को खुद देना होगा। और अगर एसीबी पूरी तरह निष्पक्ष होकर काम कर रही है, तो फिर बिना किसी राजनीतिक दबाव के तुरंत प्रभाव से भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे डालना चाहिए।''

मैं दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार करे: मंत्री किरोड़ी लाल मीणा

गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस के गंभीर और तीखे आरोपों को कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पूरी तरह से मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने खुद अपनी ही सरकार के अधीन काम करने वाली एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्यशैली पर बेहद गंभीर और तीखे सवाल दाग दिए।

मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कड़े लहजे में कहा, "एसीबी (ACB) ने इस पूरे मामले में बेहद खतरनाक काम किया है, उन्हें अपनी 'लक्ष्मण रेखा' पार नहीं करनी थी। इस मामले में मुख्य एफआईआर (FIR) दर्ज होने से पहले ही जांच का पूरा मजमून और अंदरूनी बातें बाहर कैसे आ गईं? उसे सोशल मीडिया और मीडिया में वायरल करने का वास्तविक उद्देश्य क्या था?"

डॉ. मीणा ने आगे नाराजगी जताते हुए कहा कि एफआईआर से पहले ही बातों को बाहर लीक किया गया और उसके तुरंत बाद योजनाबद्ध तरीके से अखबारों में यह छपवा दिया गया कि इस पूरे कांड में 'मंत्री' और 'डॉक्टर' शामिल हैं। मंत्री ने बेहद तल्ख लहजे में चुनौती देते हुए कहा कि अगर एसीबी के पास उनके खिलाफ कोई भी पुख्ता सबूत हैं और यदि वे वास्तव में दोषी हैं, तो एसीबी को उन्हें सीधे गिरफ्तार कर लेना चाहिए, वे डरने वाले नहीं हैं।

क्या है यह पूरा खाद-बीज रिश्वत कांड?

इस पूरे सियासी संग्राम के पीछे की मुख्य वजह राजस्थान कृषि विभाग और राजस्थान स्टेट सीड्स कॉरपोरेशन से जुड़ी एक कथित घूसखोरी की घटना है। सूत्रों के अनुसार, राज्य में किसानों को वितरित किए जाने वाले उन्नत किस्म के खाद और बीजों के टेंडर्स, सप्लाई ऑर्डर्स और विभिन्न कंपनियों के भुगतानों को क्लियर करने की एवज में बड़े पैमाने पर लेनदेन की शिकायतें मिल रही थीं।

इसी इनपुट के आधार पर एसीबी की टीम ने कुछ समय पहले एक गुप्त जाल बिछाकर कुछ अधिकारियों और दलालों को निशाना बनाया था, जिन्हें कथित तौर पर कृषि मंत्री का बेहद नजदीकी बताया जा रहा है। इस रेड के दौरान भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ था। चूंकि यह विभाग सीधे डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के अधीन आता है, इसलिए विपक्ष ने बिना कोई समय गंवाए इस पूरे मामले को सीधे मंत्री की संलिप्तता से जोड़कर राज्य सरकार पर चौतरफा दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

Updated on:
20 Jun 2026 10:13 am
Published on:
20 Jun 2026 10:02 am