जयपुर

Rajasthan Paper Leak: 5 लाख रुपए में हुआ सौदा, फिर भाभी को ब्लूटूथ से बताए आंसर, SOG ने किया गिरफ्तार

Rajasthan News: सुपरवाइजर महिला अधिकारिता भर्ती परीक्षा-2018 पेपर लीक मामले में SOG ने पांच लाख रुपए में प्रश्नपत्र खरीदने वाले मनीराम सारण को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मनीराम ने परीक्षा केंद्र में बैठी अपनी भाभी को ब्लूटूथ के जरिए प्रश्नों के उत्तर बताकर नकल कराने की कोशिश की।
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Aug 28, 2026
paper leak
गिरफ्तार आरोपी की फाइल फोटो: पत्रिका

Supervisor (Women Empowerment) 2018 Paper Leak: सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता भर्ती परीक्षा-2018) पेपर लीक मामले में एसओजी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने तुलछाराम कालेर गैंग से पांच लाख रुपए में प्रश्नपत्र खरीदने वाले आरोपी मनीराम सारण को गिरफ्तार किया है। ADG विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मनीराम सारण चूरू जिले के बीदासर का रहने वाला है। एसओजी अब आरोपी से पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

जांच में सामने आया कि सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता भर्ती परीक्षा-2018) का प्रश्नपत्र बीकानेर स्थित श्रीरामसहाय आदर्श सैकण्डरी स्कूल परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था। प्रश्नपत्र लीक होने के बाद पेपर लीक गिरोह के सदस्यों ने उसे हल किया और ब्लूटूथ उपकरण के माध्यम से परीक्षा केंद्र के अंदर बैठे अभ्यर्थियों तक प्रश्नों के उत्तर पहुंचाए थे। इस पूरे मामले में अभ्यर्थियों को नकल कराने के लिए तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया था।

IG अजयपाल लांबा ने बताया कि पेपर लीक मामले में गिरोह के सरगना तुलछाराम कालेर, पौरव कालेर, राजू मैट्रिक्स और दिनेश सिंह चौहान की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि इन लोगों ने परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र लीक किया था। इसके बाद गिरोह के सदस्यों ने प्रश्नपत्र हल कर ब्लूटूथ के जरिए परीक्षा केंद्र के अंदर बैठे अभ्यर्थियों को उत्तर बोलकर नकल करवाई।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पेपर लीक के इस मामले में एक अन्य गिरोह भी सक्रिय था। जगदीश विश्नोई गिरोह पर भी प्रश्नपत्र लीक कर उसे वायरल करने का आरोप है। एसओजी अब दोनों नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

ब्लूटूथ के जरिए करवाई थी भाभी को नकल

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मनीराम सारण ने तुलछाराम कालेर से पांच लाख रुपए में प्रश्नपत्र का सौदा किया था। इसके बाद मनीराम ने परीक्षा केंद्र के अंदर बैठी अपने भाई की पत्नी यानी भाभी को ब्लूटूथ के जरिए प्रश्नों के उत्तर बताकर नकल कराने का प्रयास किया। इस तरह आरोपी ने पेपर खरीदने के बाद परीक्षा में अपनी भाभी को अनुचित तरीके से फायदा पहुंचाने की कोशिश की।

एसओजी की जांच में पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क की परतें लगातार खुल रही हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र लीक होने से लेकर अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने तक कौन-कौन लोग शामिल थे और इस पूरे नेटवर्क में कितने अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया।

Updated on:
28 Aug 2026 08:00 am
Published on:
28 Aug 2026 08:00 am
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