राजस्थान में भजनलाल सरकार के दो साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। सरकार का दावा है कि इस दौरान 296 भर्ती परीक्षाएं आयोजित हुईं, जिसमें किसी भी तरह की धांधली का मामला सामने नहीं आया।
जयपुर। राजस्थान सरकार ने बताया कि बीते दो वर्षों में राज्य के भीतर भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आई है। सरकार का दावा है कि इस अवधि में भर्ती परीक्षा प्रणाली को सुधारने और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए गए। वहीं, विपक्ष समय-समय पर इन दावों पर सवाल भी उठाता रहा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर गठित विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) की निगरानी में 6 नवंबर 2025 तक विभिन्न भर्ती संस्थाओं ने कुल 296 परीक्षाएं आयोजित कीं। प्रशासन का कहना है कि इन परीक्षाओं में किसी भी तरह की लीक या अनियमितता की घटना सामने नहीं आई। इसमें राजस्थान लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ चयन बोर्ड और कई विभागीय परीक्षाएं शामिल हैं।
एटीएस एवं एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि पेपर लीक और डमी अभ्यर्थियों से जुड़े मामलों में एसआईटी ने कार्रवाई तेज की है। 6 नवंबर 2025 तक 138 एफआईआर दर्ज हुईं और 394 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी करने वाले अभ्यर्थी, बिचौलिए और संगठित गिरोह के सदस्य शामिल हैं।
एसआईटी ने कुछ हाई-प्रोफाइल मामलों में भी कार्रवाई की है। एसआई भर्ती परीक्षा-2021 में कथित अनियमितताओं को लेकर आयोग के एक निलंबित सदस्य, एक पूर्व सदस्य समेत कुल 132 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 61 प्रशिक्षणरत उप निरीक्षक और छह चयनित उप निरीक्षक भी थे, जिन्होंने जॉइनिंग नहीं की थी। इसके अलावा जेल प्रहरी भर्ती 2018 की परीक्षा के पेपर लीक मामले में टीसीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर को भी गिरफ्तार किया गया।
भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ चयन बोर्ड ने परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करना शुरू किया है, ताकि अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए निश्चित कार्यक्रम मिल सके। आधिकारिक विवरण के अनुसार, राज्य सरकार ने दो वर्षों में 92 हजार से अधिक नियुक्तियां दी हैं, जबकि 1.53 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है।