जयपुर

Naresh Meena : झालावाड़ में स्कूली छात्रों की मौत, जयपुर में धरने पर बैठे नरेश मीणा, अब कही यह बात…

मीणा का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, वे अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं करेंगे।
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Sep 13, 2025
patrika photo
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समरावता विवाद के बाद सुर्खियों में आए युवा नेता नरेश मीणा एक बार फिर एक्टिव हो गए हैं। झालावाड़ के पिपलोदी स्कूल भवन ढहने की घटना को लेकर शहीद स्मारक पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। दर्दनाक हादसे में सात मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। मीणा का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, वे अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं करेंगे।

धरने के दौरान मीणा ने मौन धारण किया है। उन्होंने साफ किया कि आंदोलन के दौरान वे किसी से बातचीत नहीं करेंगे, केवल रोजाना दोपहर तीन बजे पांच मिनट के लिए अपने साथियों से रणनीति साझा करेंगे। मीणा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल निर्माण में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण सात मासूमों की जान गई। बावजूद इसके अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और न ही प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया गया। ऐसे में उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक दोषियों को सजा और प्रदेशभर के स्कूलों की सुरक्षा जांच सुनिश्चित नहीं हो जाती।

पीड़ित परिवारों के समर्थन में जुटे नरेश मीणा ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट से भी संपर्क साधा। उन्होंने दोनों नेताओं से अपील की है कि वे पीड़ित परिवारों की न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े हों। मीणा ने कहा कि यह केवल एक परिवार या एक गांव का मामला नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में स्कूलों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।

गौरतलब है कि जुलाई महीने में झालावाड़ जिले के पिपलोदी सरकारी स्कूल की पुरानी इमारत अचानक भारी बारिश के दौरान ढह गई थी। इस हादसे में सात बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। हादसे के बाद नरेश मीणा ने सरकारी लापरवाही के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था। उस समय पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। हालांकि बाद में कोर्ट से उन्हें राहत मिली और रिहाई के बाद वे एक बार फिर इस आंदोलन को तेज कर चुके हैं।

Updated on:
13 Sept 2025 11:55 am
Published on:
13 Sept 2025 11:55 am
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