Indian Railways: भजनलाल मंत्रिमंडल की बैठक में रेल परिवहन के विकास के लिए अहम फैसला लिया गया।
Nathdwara-Deogarh-Madaria Gauge Conversion Project: जयपुर। भजनलाल मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारी कल्याण, किसानों के हित, विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण और रेल परिवहन के विकास सहित कई अहम फैसले लिए गए। अच्छी बात ये है कि अब राजस्थान में नई रेल लाइन आमान परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश की भजनलाल सरकार ने नई रेल लाइन आमान परिवर्तन के लिए 42 हेक्टेयर जमीन रेलवे को देने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित की गई राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में रेल परिवहन के विकास के लिए अहम फैसला लिया गया। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश के रेल परिवहन तंत्र को मजबूत करने तथा मार्बल, ग्रेनाइट और माइनिंग जैसे उद्योगों को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर श्रीनाथद्वारा को मेवाड़ और मारवाड़ से जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन के निर्माण में तेजी लाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि राजसमंद जिले के राजसमंद, देवगढ़, नाथद्वारा एवं आमेट उपखण्डों की कुल 42.1576 हैक्टेयर भूमि राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 102 के अंतर्गत नाथद्वारा-देवगढ़-मदारिया आमान परिवर्तन परियोजना के लिए रेलवे मंत्रालय को आवंटित करने की स्वीकृति मंत्रिमण्डल बैठक में प्रदान की गई।
बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले साल 10 मई को नाथद्वारा-देवगढ़-मदारिया आमान परिवर्तन परियोजना का शिलान्यास किया था। 968.92 करोड़ की लागत से नाथद्वारा रेलवे स्टेशन से देवगढ़ मदारिया तक मीटर गेज लाइन को ब्रॉडगेज लाइन में परिवर्तन करने काम जारी है। अब इस रूट पर कुल 42.1576 हैक्टेयर भूमि रेलवे को देने के फैसले के बाद काम रफ्तार पकड़ेगा। इस ट्रैक को पूरा होने में अभी करीब एक साल का समय और लगेगा।