
भगवान सहाय यादव
जयपुर। ‘स्कूल-कॉलेज में हॉकी में दिलचस्पी होने के बावजूद किसी कारणवश खेल की प्रतिभा को निखार नहीं पाई। यह टीस मन में दबी की दबी ही रह गई। लेकिन शादी के बाद ससुराल में जब 2020 में गांव की सरपंच बनीं तो गांव की लड़कियों की हॉकी टीम तैयार कर अपने सपने को फिर से जीने की ठानी। फिर मैंने अपनी ग्राम पंचायत की लड़कियों को तराशना शुरू किया। अपने खर्चे पर उन्हें हॉकी किट, कोच तथा अन्य सुविधाएं मुहैया करर्वाइं। फिर वह दिन आया जब ग्रामीण ओलम्पिक में ब्लॉक स्तर पर टीम जीत गई।’ यह कहना है झुंझुनूं जिले की लाम्बी अहीर ग्राम पंचायत की सरपंच नीरू यादव का।
नीरू ने बताया कि उनका उद्देश्य गांव की लड़कियों को खेलों में उड़ान देना है। उन्हें किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं उठानी पड़े, इसके लिए वह तैयार रहती हैं। उनका सपना हरियाणा की तरह राजस्थान की लड़कियों को खेलों में आगे बढ़ाने का है। इसी मेहनत के कारण आज नीरू को हॉकी वाली सरपंच के नाम से जाना जाता है।
अपने वेतन से खरीदे हॉकी किट
नीरू ने बताया कि वह मूलरूप से हरियाणा की रहने वाली हैं। सरपंच बनने के बाद गांव की बालिकाओं को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने वेतन से करीब एक लाख रुपए की हॉकी किट व अन्य सामग्री दिलवाई। एक कोच नियुक्त किया। स्वयं अपनी ग्राम पंचायत से 10 किमी दूर स्थित खेल मैदान में ले जाकर प्रशिक्षण दिलवाना शुरू किया। आज पंचायत की बालिकाओं में खेलों के प्रति रुझान बढ़ गया है। नीरू खुद बीएससी, एमएससी, बीएड, एमएड और पीएचडी धारक हैं।