जयपुर

जयपुर में नर्सिंगकर्मी आत्महत्या के बाद तनाव, इमरजेंसी में रखा गया शव, SMS के बाहर चल रहा प्रदर्शन

राजधानी जयपुर में संविदा नर्सिंगकर्मी का सुसाइड मामला बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर एसएमएस अस्पताल में बैठक चल रही है, जिसमें कलक्टर भी मौजूद हैं। दूसरी तरफ बड़ी संख्या में नर्सिंगकर्मी प्रदर्शन कर रहे हैं।

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Jun 12, 2026
sms hospital
SMS Hospital : इमरजेंसी के बाहर बड़ी संख्या प्रदर्शनकारी मौजूद (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

जयपुर। राजधानी जयपुर में संविदा सेवा से हटाए गए एक नर्सिंगकर्मी की आत्महत्या के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। मृतक नर्सिंगकर्मी की पहचान दौसा जिले के रहने वाले 25 वर्षीय दीपक खारवाल के रूप में हुई है, जो महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में संविदा पर कार्यरत था। उसकी मौत के बाद साथी नर्सिंगकर्मियों में भारी आक्रोश फैल गया और एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया।

नर्सिंग कर्मी के सुसाइड मामले में एसएमएस अस्पताल में एक बैठक चल रही है, जिसमें कलक्टर भी मौजूद हैं। शव अभी इमरजेंसी में रखा गया है। नर्सिंग कर्मी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।

प्रदर्शन में हुआ था शामिल

जानकारी के अनुसार, हाल ही में सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में कार्यरत बड़ी संख्या में संविदा नर्सिंगकर्मियों को सेवा से हटा दिया गया था। इसी के विरोध में पिछले कई दिनों से कर्मचारी आंदोलन कर रहे थे। शुक्रवार सुबह दीपक भी अपने साथियों के साथ एसएमएस मेडिकल कॉलेज परिसर में धरने में शामिल हुआ था। बताया जा रहा है कि सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे वह वहां से अपने कमरे पर लौट गया और कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया।

इलाज के दौरान हुई मौत

कुछ देर बाद उसके साथी उससे मिलने पहुंचे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज लगाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर दीपक अचेत अवस्था में पड़ा मिला। साथी उसे तत्काल एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

बड़ी संख्या में नर्सिंगकर्मी कर रहे प्रदर्शन

साथी कर्मचारी की मौत की खबर मिलते ही नर्सिंगकर्मी भड़क उठे और मेडिकल इमरजेंसी के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान करीब आधे घंटे तक इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित रहीं। पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद हालात सामान्य हो सके।

ये लोग पुहंचे

घटना की सूचना मिलने पर कांग्रेस विधायक रफीक खान, अमीन कागजी और जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा समेत कई नेता एसएमएस अस्पताल पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने सरकार की नीतियों को युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और निराशा के लिए जिम्मेदार ठहराया।

हनुमान बेनीवाल ने साधा निशाना

उधर, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि संविदा सेवा समाप्त किए जाने के कारण दीपक मानसिक रूप से परेशान था और तंत्र की प्रताड़ना से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। बेनीवाल ने स्वास्थ्य मंत्री की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की चुप्पी को भी चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात कर मृतक के परिजनों और आंदोलनरत कर्मचारियों से तत्काल संवाद स्थापित करने तथा उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने का आग्रह किया है।

वर्तमान में हटाए गए नर्सिंगकर्मियों का धरना जारी है। प्रदर्शनकारी चिकित्सा मंत्री के इस्तीफे, सेवा से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली और मृतक दीपक खारवाल के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं।

Published on:
12 Jun 2026 04:42 pm