
Amayra Court Decision : फाइल फोटो पत्रिका
Amayra Court Case : जयपुर के मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल की चौथी कक्षा की 9 वर्षीय छात्रा अमायरा की मौत के मामले में अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (क्रम-10) की अदालत में प्रसंज्ञान पर बहस पूरी हो गई है। अदालत इस मामले में मंगलवार को फैसला सुना सकती है। सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि अमायरा को स्कूल में बुली (प्रताड़ित) किया जा रहा था। परिजन की ओर से शिकायत किए जाने के बावजूद क्लास टीचर ने कोई कदम नहीं उठाया, जिससे आहत होकर बच्ची ने यह आत्मघाती कदम उठाया। इसके साथ ही पीड़ित पक्ष ने घटनास्थल से साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसे धोने का भी आरोप लगाया।
परिजनों ने पुलिस के पेश चार्जशीट पर सवाल खड़े करते हुए स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल पर भी बच्चे के प्रति क्रूरता और सभी आरोपियों पर बच्चे को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा लगाने की मांग की। परिजनों की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता अमित शर्मा ने कहा कोर्ट सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट में धाराएं जोड़ें।
दूसरी ओर, बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि जुवेनाइल जस्टिस (जेजे) एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई का क्षेत्राधिकार इस अदालत के पास नहीं है। साथ ही बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपियों की ओर से ऐसी कोई लापरवाही या उकसावा नहीं था, जिससे बच्ची को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़े।
स्कूल प्रबंधन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक राज बाजवा ने कहा कहा यह पूरी घटना एक हादसा थी। स्कूल प्रबंधन ने जानबूझकर कुछ भी नहीं किया। ऐसे में प्रार्थना पत्र को खारिज किया जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
गौरतलब है कि जयपुर के मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल में 9 वर्षीय छात्रा अमायरा ने 1 नवंबर 2025 को चौथी मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया था। घटना का लाइव फुटेज भी सामने आया था, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले की जांच के बाद जयपुर पुलिस ने स्कूल मालिक, प्रिंसिपल इंदू दुबे, टीचर पुनिता शर्मा और सफाईकर्मी रामू के खिलाफ विभिन्न धाराओं में चालान पेश किया था।
Updated on:
27 Jul 2026 10:35 pm
Published on:
27 Jul 2026 10:35 pm
